aṣṭottara śataṃ

नवरात्री नव दिन महोत्सवाष्टोत्तर नामावलिः

ललिता श्यामला बाला दुर्गा त्रिपुरसुन्दरी।चामुण्डेश्वरी वाराही भवानी कालिकाम्बिका। 

प्रथमं ललितादेवी द्वितीयं श्यामलाम्बिका। तृतीयं बालगिरिजा चतुर्थं दुर्गरूपिणी।

पञ्चमं त्रिपुरदेवी चामुण्डी षष्ठमं भवेत्। सप्तमं घोरवाराही भवानी चाष्टमी तथा।

नवमं कालिकादेवी दशमं राजराजेशी ।एवं अष्टोत्तर शत नाम्नां एव प्रकीर्तितः।

  1. श्रीललिता पञ्चदशी अष्टोत्तर शत 

अस्य श्रीललिता पञ्चदशी अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य  चिन्मयानन्दभैरवाय ऋषये नमः शिरसि   गायत्र्यै छन्दसे नमः मुखे  |  श्रीललिता त्रिपुरसुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये  |   ऐं कएईलह्रीं बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं हसकहलह्रीं शक्तये नमः पादयोः  |  श्रीं सकलह्रीं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीललिता त्रिपुरसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः – सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ऐं कएईलह्रीं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ह्रीं हसकहलह्रीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

श्रीं सकलह्रीं मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ऐं कएईलह्रीं अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रीं हसकहलह्रीं कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

श्रीं सकलह्रीं करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानः: 

मार्ताण्डमण्डलाकारां रत्नसिंहासनस्थितां चतुर्भुजां अक्षमालां पद्महस्त वराभयां। 

नक्षत्र-कञ्चुकधरां वह्निचन्द्रार्क-लोचनां महाकामेश-वनितां महाराज्याधि-दायिनीं।

पञ्चपूजा:लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमःकल्याण गिरी मध्यस्था कमलापति वन्दिता । कर्पूर कुङ्कुमाराढ्या करुणा पूर्णलोचना।

कन्दर्प कोटिलावाण्या करिपूजिॆत पादुका । कमनीय गुणातीता कन्तुक क्रीड वल्लभा। 

एकान्तन पूजन प्रीता चैकदन्तगणप्रसूः । एकाधिपत्यफलदा चैकपिङ्गसुपूजिता ।

एला-कर्पूर-ताम्बूल-प्रीता चैलालुकाम्बिका। एकानन्दामृताचरी चैकाम्रेश मनोहरा। 

ईशवामाङ्कनिलया चेश-पुत्र-गणार्चिता। ईश्वरार्धासनारूढा चेश-नर्तन-मोदिता

ईश्वरालिङ्गन-प्रीता चेश्वरार्ध-कलेबरा। ईशान-देवाता-मूर्तिः चेश्वरप्रेम-वर्धिनी। 

लक्ष्म्यार्थागम संवेद्या लक्ष्मी नाथ निषेविता। ललाटाक्षप्रिया लङ्कानाथ गान रव प्रिया। 

ललिता सार सर्वार्था लक्ष दीप प्रियोत्सुका। ललिता राज्य लहरी लक्षार्चन कुतूहला। 

ह्रीङ्कार मन्त्रमध्यस्था ह्रीङ्काराक्षररूपिणी। ह्रीङ्कार पीठ निलया ह्रीङ्कारमय विग्रहा। 

हरिब्रह्मार्चनपदा हरिद्रा कुङ्कुम प्रिया। हंसकेलिस्थली हंस नटेश नोत्सुक मानसा।

हरित्-ध्वज प्रतीकाशा हरिब्रह्म वरप्रदा। हर नेत्र सामाकारा हरि वक्षः स्थल स्थिता। 

सर्वेन्द्रिय मनो माता सर्वकल्याण दायिनी। सर्व सङ्ग्राम जयदा सर्वप्रहरणोद्युता।

सर्वपीडोपशमना सर्वारिष्ट विनाशिनी। सर्वैश्वर्य समुत्पात्तिः सहस्राक्ष समर्चिता। 

कबरी शोभित कल्हारा कल सिञ्जित मेखला। कर्पूर वीटि कबला कबलीकृत विग्रहा।

कलौ कृतावतरणा कठोर कुच मण्डला। कपर्दी वाम नयना कम्बु ग्रीव मनोहरा। 

हव्यवाहा हविः दाता हविः दानि हरेश्वरी। हंस नाट्य विनोदज्ञा हंस मन्त्र प्रियंवदा।

हस्त खड्ग समद्योता हरिवाहन संस्थिता। लक्ष्य लक्षण तत्त्वज्ञा लक्षणानन्दविग्रहा।

लक्ष कोटि सुराराध्या लक्ष मन्मथ विग्रहा। लक्ष भास्कर सङ्काशा लक्ष चन्द्र सुशीतला।

लक्ष पद्मार्चनपदा लक्ष भक्तगणावृता। ह्रीङ्कार शब्दरसिका ह्रीङ्कार परदेवता।

ह्रीङ्कारार्चन सन्तुष्टा हृशीकेश सहोदरी। सहस्रदल पद्मस्था सदा षोडश वर्षिका।

सर्वमृत्यु प्रशमना सर्वासुर विमर्दना। सर्वसाम्राज्यसुखदा सर्वकाल कुतूहला।

सर्वालङ्कार सम्युक्ता सर्वावय सुन्दरी। कलङ्क रहितापन्ना कङ्कालेश्वर वल्लभा।

कल्पद्रुम परानन्दा कमलालय वासिनी। कस्तूरी गन्ध लिप्ताङ्गी कमलासन निषेविता।

कल्हार कुसुमोद्दामा कटाक्षकृप सागरा। लम्बमान विभूषाढ्या लसाच्चूली भरान्विता।

लघु-स्थूल प्रतीकाशा लक्ष मन्त्र जप प्रिया। लता कुसुम सुप्रीता ललाटाक्ष समुज्ज्वला।

लक्षण त्रय निर्मुक्ता लक्ष्मीन्द्राणी सुरार्चिता। ह्रीङ्कारोपनिषद्गीता ह्रीङ्कार कमलासना।

ह्रीङ्कार वर्ण रूपाढ्या ह्रीङ्कार ललिताम्बिका। 

  1. 1.३-कल्याण गिरि मध्यस्थायै नमः
  2. 2.३-कमलापति वन्दितायै नमः
  3. 3.३-कर्पूर कुङ्कुमाढ्यायै नमः
  4. 4.३-करुणा पूर्ण लोचनायै नमः
  5. 5.३-कन्दर्प कोटि लावाण्यायै नमः
  6. 6.३-करि पूजित पादुकायै नमः
  7. 7.३-कमनीय गुणातीतायै नमः
  8. 8.३-कन्दुक क्रीड वल्लभायै नमः
  9. 9.३-एकान्त पूजन प्रीतायै नमः
  10. 10.३-एकदन्त गण प्रसवे नमः
  11. 11.३-एकाधिपत्यफलदायै नमः
  12. 12.३-एकपिङ्ग सुपूजितायै नमः
  13. 13.३-एलाकर्पूर ताम्बूलप्रीतायै नमः
  14. 14.३-एलालकाम्बिकायै नमः
  15. 15.३-एकानन्दामृताचर्यै नमः
  16. 16.३-एकाम्रेश मनोहरायै नमः
  17. 17.३-ईशवामाङ्कनिलयायै नमः
  18. 18.३-ईश पुत्रगणार्चितायै नमः
  19. 19.३-ईश्वरार्धासनारूढायै नमः
  20. 20.३-ईश नर्तन मोदितायै नमः
  21. 21.३-ईश्वरालिङ्गनप्रीतायै नमः
  22. 22.३-ईश्वरार्धकलेबरायै नमः
  23. 23.३-ईशान देवाता मूर्तये नमः
  24. 24.३-ईश्वरप्रेम वर्धिन्यै नमः
  25. 25.३-लक्ष्म्यार्थागम संवेद्यायै नमः
  26. 26.३-लक्ष्मी नाथ निषेवितायै नमः
  27. 27.३-ललाटाक्षप्रियायै नमः
  28. 28.३-लङ्कानाथ गान रव प्रियायै नमः
  29. 29.३-ललिता सार सर्वार्थायै नमः
  30. 30.३-लक्ष दीप प्रियोत्सुकायै नमः
  31. 31.३-ललिता राज्य लहर्यै नमः
  32. 32.३-लक्षार्चन कुतूहलायै नमः
  33. 33.३-ह्रीङ्कार मन्त्रमध्यस्थायै नमः
  34. 34.३-ह्रीङ्काराक्षर रूपिण्यै नमः
  35. 35.३-ह्रीङ्कार पीठ निलयायै नमः
  36. 36.३-ह्रीङ्कारमय विग्रहायै नमः
  37. 37.३-हरिब्रह्मार्चनपदायै नमः
  38. 38.३-हरिद्रा कुङ्कुम प्रियायै नमः
  39. 39.३-हंसकेलिस्थल्यै नमः
  40. 40.३-हंस नटेशनोत्सुक मानसायै नमः
  41. 41.३-हरि-ध्वज-प्रतीकाशायै नमः
  42. 42.३-हरि ब्रह्म वरप्रदायै नमः
  43. 43.३-हर नेत्र सामाकारायै नमः
  44. 44.३-हरि वक्षः स्थल स्थितायै नमः
  45. 45.३-सर्वेन्द्रिय मनो मात्रे नमः
  46. 46.३-सर्वकल्याण दायिन्यै नमः
  47. 47.३-सर्व सङ्ग्राम जयदायै नमः
  48. 48.३-सर्वप्रहरणोद्युतायै नमः
  49. 49.३-सर्वपीडोपशमनायै नमः
  50. 50.३-सर्वारिष्ट विनाशिन्यै नमः
  51. 51.३-सर्वैश्वर्य समुत्पात्तये नमः
  52. 52.३-सहस्राक्ष समर्चितायै नमः
  53. 53.३-कबरी शोभित कल्हारायै नमः
  54. 54.३-कल सिञ्जित मेखलायै नमः
  55. 55.३-कर्पूर वीटि कबलायै नमः
  56. 56.३-कबलीकृत विग्रहायै नमः
  57. 57.३-कलौ कृतावतरणायै नमः
  58. 58.३-कठोर कुच मण्डलायै नमः
  59. 59.३-कपर्दी वाम नयनायै नमः
  60. 60.३-कम्बु ग्रीव मनोहरायै नमः
  61. 61.३-हव्यवाहायै नमः
  62. 62.३-हविः दात्रे नमः
  63. 63.३-हविः दानये नमः
  64. 64.३-हरेश्वर्यै नमः
  65. 65.३-हंस नाट्य विनोदज्ञायै नमः
  66. 66.३-हंस मन्त्र प्रियंवदायै नमः
  67. 67.३-हस्त खड्ग समद्योतायै नमः
  68. 68.३-हरिवाहन संस्थितायै नमः
  69. 69.३-लक्ष्य लक्षण तत्त्वज्ञायै नमः
  70. 70.३-लक्षणानन्दविग्रहायै नमः
  71. 71.३-लक्ष कोटि सुराराध्यायै नमः
  72. 72.३-लक्ष मन्मथ विग्रहायै नमः
  73. 73.३-लक्ष भास्कर सङ्काशायै नमः
  74. 74.३-लक्ष चन्द्र सुशीतलायै नमः
  75. 75.३-लक्ष पद्मार्चनपदायै नमः
  76. 76.३-लक्ष भक्तगणावृतायै नमः
  77. 77.३-ह्रीङ्कार शब्दरसिकायै नमः
  78. 78.३-ह्रीङ्कार परदेवतायै नमः
  79. 79.३-ह्रीङ्कारार्चन सन्तुष्टायै नमः
  80. 80.३-हृशीकेश सहोदर्यै नमः
  81. 81.३-सहस्रदल पद्मस्थायै नमः
  82. 82.३-सदा षोडश वर्षिकायै नमः
  83. 83.३-सर्वमृत्यु प्रशमनायै नमः
  84. 84.३-सर्वासुर विमर्दनायै नमः
  85. 85.३-सर्वसाम्राज्यसुखदायै नमः
  86. 86.३-सर्वकाल कुतूहलायै नमः
  87. 87.३-सर्वालङ्कार सम्युक्तायै नमः
  88. 88.३-सर्वावय सुन्दर्यै नमः
  89. 89.३-कलङ्क रहितापन्नायै नमः
  90. 90.३-कङ्कालेश्वर वल्लभायै नमः
  91. 91.३-कल्पद्रुम परानन्दायै नमः
  92. 92.३-कमलालय वासिन्यै नमः
  93. 93.३-कस्तूरी गन्ध लिप्ताङ्ग्यै नमः
  94. 94.३-कमलासन निषेवितायै नमः
  95. 95.३-कल्हार कुसुमोद्दामायै नमः
  96. 96.३-कटाक्षकृप सागरायै नमः
  97. 97.३-लम्बमान विभूषाढ्यायै नमः
  98. 98.३-लसाच्चूली भरान्वितायै नमः
  99. 99.३-लघु-स्थूल प्रतीकाशायै नमः
  100. 100.३-लक्ष मन्त्र जप प्रियायै नमः
  101. 101.३-लता कुसुम सुप्रीतायै नमः
  102. 102.३-ललाटाक्ष समुज्ज्वलायै नमः
  103. 103.३-लक्षण त्रय निर्मुक्तायै नमः
  104. 104.३-लक्ष्मीन्द्राणी सुरार्चितायै नमः
  105. 105.३-ह्रीङ्कारोपनिषद्गीतायै नमः
  106. 106.३-ह्रीङ्कार कमलासनायै नमः
  107. 107.३-ह्रीङ्कार वर्ण रूपाढ्यायै नमः
  108. 108.३-ह्रीङ्कार ललिताम्बिकायै नमः
  1. श्रीश्यामलाम्बिका अष्टोत्तरशत 

अस्य श्रीश्यामलाम्बिका अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य याज्ञवल्क्याय ऋषये नमः शिरसि  |  सावित्र्यै छन्दसे नमः मुखे  |   श्रीबाल श्यामलाम्बा परमेश्वर्यै देवतायै नमः हृदये  |   सौः बीजाय नमः गुह्ये  |  क्लीं शक्तये नमः पादयोः  |   ऐं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीबालश्यामलाम्बा परमेश्वरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः -सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ओं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

श्रीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रीं मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

क्लीं अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ऐं  कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

सौः करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

द्विभुजां श्यामवर्णाङ्गां त्रिस्तनीं नव वार्षिकां। दक्षहस्तोत्पलधरां वाम हस्त प्रलम्बितां। 

सर्वावयव संपूर्णां त्रिदिवेश वरप्रदां। प्रमथाधिप प्रमोहाम्बां रक्तबीज प्रमापणीं। 

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

ओं ऐङ्कार पीठस्था कञ्चाक्षी च कामितार्थदा । ओङ्काररूपा चैङ्कारनिरता वाग्भवेश्वरी ।

वागेशि विदिता विद्या विविधा वह्निवासिनी।  वाचस्पति समाराध्या वाणी लक्ष्मी समर्चिता। 

ऐङ्कार मधुमत्ताङ्गी चैङ्कारतरुमञ्जरी । वाचोवाणिर्वर्णरूपा वारिजासन पूजिता 

वरदा वारिजाताक्षी वाञ्छाधिकफलप्रदा। विश्वसाक्षी विश्वरूपा विजया विजयप्रदा।

वीरार्चिता वीरमयी विबुधाधिप वन्दिता। विश्वाधिशायिनी वीरविनुता हृदयस्थिता 

विबुधेन्द्र-विधुसङ्घ विन्यस्त-पदवल्लभा विकसन्मल्लिकाभूषा विकसन्मुख पङ्कजा । 

क्लीङ्कारी क्लीं मतिःक्लिन्ना क्लीं तनुःक्लीं समाश्रया। क्लींरूपा क्लींमनुध्येया क्लींसौः श्रींक्लीं मनोहरा

 कामेशी कामजनका कान्ता कामेश वल्लभा। कामप्रदा कान्तिनिधिः कामाक्षी कान्तिदायिनी।

काकिनि सेविता कल्पा करुणा स्यन्द वीक्षणा कमनीयाङ्ग रुचिरा।श्रीनिवासार्चिताङ्घ्रिका करवल्लीभुजाकामचाप_लतिकाञ्चिता कालकूटा कालहन्त्रीकमनीय ललन्तिका। 

करिस्तुता कल्पसाक्षी निर्विकल्पा निराश्रया। नित्या निरन्तरासफूर्तिः चतुष्षष्ठिकलावती। 

सौःकारी सौम्यका सौम्यवर्धनीसोमभूषणा सर्वेशी सर्वमाता सर्वाभरणभूषितासङ्गहीना सर्वकर्त्री सर्वेप्सितफलप्रदा सनातना सौम्यचित्ता सर्वाकारा शुचिस्मृता सर्वतन्त्री देव वन्द्या देवेशी दिव्यविग्रहा

दिव्यन्ति देव वनिता दीप्यमान तनुत्प्रभा दयानिधिः दयालोला दाक्षिण्यार्णव कौस्तुभा

लम्भाहङ्कारनिरता दर्पहा धनदायिनी दीनप्रिया यज्ञभोक्त्री शिवालायवासिनी

योगेशी योगदा योग्या योगिनी योगदायिनी योगासानस्थिता योगरूपा श्रीश्यमलाम्बिका।

इति ते कथितं दिव्यं नाम्नामष्टोत्तरं शतं। नया संस्तुता देवि समस्त फलदायिनी।

एतत् ध्यानेन देवेशी इष्टकामान् प्रयच्छति। तस्मात् सर्वप्रयत्नेन मन्त्रं एतत् जपेत् सदा।

इति श्रीमात्त्रिपुरागमे उमा महेश्वर संवादे श्यामलाम्बा दिव्य नामाष्टोत्तर शतं स्तोत्रं संपूर्णं।  

  1. 1.३-ओं ऐङ्कार पीठस्थायै नमः
  2. 2.३-कञ्चाक्ष्यै नमः
  3. 3.३-कामितार्थदायै नमः
  4. 4.३-ओङ्काररूपायै नमः
  5. 5.३-ऐङ्कारनिरतायै नमः
  6. 6.३-वाग्भवेश्वर्यै नमः
  7. 7.३-वागेशि विदिता विद्यायै नमः
  8. 8.३-विविधायै नमः
  9. 9.३-वह्निवासिन्यै नमः
  10. 10.३-वाचस्पति समाराध्यायै नमः
  11. 11.३-वाणी लक्ष्मी समर्चितायै नमः
  12. 12.३-ऐङ्कार मधुमत्ताङ्ग्यै नमः
  13. 13.३-ऐङ्कारतरुमञ्जर्यै नमः
  14. 14.३-वाचोवाणिर्वर्णरूपायै नमः
  15. 15.३-वारिजासन पूजितायै नमः
  16. 16.३-वरदायै नमः
  17. 17.३-वारिजाताक्ष्यै नमः
  18. 18.३-वाञ्छाधिकफलप्रदायै नमः
  19. 19.३-विश्वसाक्ष्यै नमः
  20. 20.३-विश्वरूपायै नमः
  21. 21.३-विजयायै नमः
  22. 22.३-विजयप्रदायै नमः
  23. 23.३-वीरार्चितायै नमः
  24. 24.३-वीरमय्यै नमः
  25. 25.३-विबुधाधिप वन्दितायै नमः
  26. 26.३-विश्वाधिशायिन्यै नमः
  27. 27.३-वीरविनुतायै नमः
  28. 28.३-हृदयस्थितायै नमः
  29. 29.३-विबुधेन्द्र विधु सङ्घ विन्यस्त पद वल्लभायै नमः
  30. 30.३-विकसन्मल्लिकाभूषायै नमः
  31. 31.३-विकसन्मुख पङ्कजायै नमः
  32. 32.३-क्लीङ्कार्यै नमः
  33. 33.३-क्लीं मतये नमः
  34. 34.३-क्लिन्नायै नमः
  35. 35.३-क्लीं तनवे नमः
  36. 36.३-क्लीं समाश्रयायै नमः
  37. 37.३-क्लीं रूपायै नमः
  38. 38.३-क्लीं मनुध्येयायै नमः
  39. 39.३-क्लीं नमः
  40. 40.३-सौः नमः
  41. 41.३-श्रीं नमः 
  42. 42.३-क्लीं नमः 
  43. 43.३-मनोहरायै नमः
  44. 44.३-कामेश्यै नमः
  45. 45.३-कामजनकायै नमः
  46. 46.३-कान्तायै नमः
  47. 47.३-कामेश वल्लभायै नमः
  48. 48.३-कामप्रदायै नमः
  49. 49.३-कान्तिनिधये नमः
  50. 50.३-कामाक्ष्यै नमः
  51. 51.३-कान्तिदायिन्यै नमः
  52. 52.३-काकिनि सेवितायै नमः
  53. 53.३-कल्पायै नमः
  54. 54.३-करुणा स्यन्द वीक्षणायै नमः
  55. 55.३-कमनीयाङ्ग रुचिरायै नमः
  56. 56.३-श्रीनिवासार्चिताङ्घ्रिकायै नमः
  57. 57.३-करवल्लीभुजायै नमः
  58. 58.३-कामचाप_लतिकाञ्चितायै नमः
  59. 59.३-कालकूटा यै नमः
  60. 60.३-कालहन्त्र्यै नमः
  61. 61.३-कमनीय ललन्तिकायै नमः
  62. 62.३-करिस्तुतायै नमः
  63. 63.३-कल्पसाक्ष्यै नमः
  64. 64.३-निर्विकल्पायै नमः
  65. 65.३-निराश्रयायै नमः
  66. 66.३-नित्यायै नमः
  67. 67.३-निरन्तरायै नमः
  68. 68.३-सफूर्तये नमः
  69. 69.३-चतुष्षष्ठिकलावत्यै नमः
  70. 70.३-सौःकार्यै नमः
  71. 71.३-सौम्यकायै नमः
  72. 72.३-सौम्यवर्धन्यै नमः
  73. 73.३-सोमभूषणायै नमः
  74. 74.३-सर्वेश्यै नमः
  75. 75.३-सर्वमात्रे नमः
  76. 76.३-सर्वाभरणभूषितायै नमः
  77. 77.३-सङ्गहीनायै नमः
  78. 78.३-सर्वकर्त्र्यै नमः
  79. 79.३-सर्वेप्सितफलप्रदायै नमः
  80. 80.३-सनातनायै नमः
  81. 81.३-सौम्यचित्तायै नमः
  82. 82.३-सर्वाकारायै नमः
  83. 83.३- शुचिस्मृतायै नमः
  84. 84.३-सर्वतन्त्र्यै नमः
  85. 85.३-देव वन्द्यायै नमः
  86. 86.३-देवेश्यै नमः
  87. 87.३-दिव्यविग्रहायै नमः
  88. 88.३-दिव्यन्त्यै नमः
  89. 89.३-देव वनितायै नमः
  90. 90.३-दीप्यमान तनुत्प्रभायै नमः
  91. 91.३-दयानिधये नमः
  92. 92.३-दयालोलायै नमः
  93. 93.३-दाक्षिण्यार्णव कौस्तुभायै नमः
  94. 94.३-लम्भायै नमः
  95. 95.३-अहङ्कारनिरतायै नमः
  96. 96.३-दर्पघ्नायै नमः
  97. 97.३-धनदायिन्यै नमः
  98. 98.३-दीनप्रिया यै नमः
  99. 99.३-यज्ञभोक्त्र्यै नमः
  100. 100.३-शिवालायवासिन्यै नमः
  101. 101.३-योगेश्यै नमः
  102. 102.३-योगदायै नमः
  103. 103.३-योग्यायै नमः
  104. 104.३-योगिन्यै नमः
  105. 105.३-योगदायिन्यै नमः
  106. 106.३-योगासानस्थितायै नमः
  107. 107.३-योगरूपायै नमः
  108. 108.३-श्रीश्यमलाम्बिकायै नमः
  109. श्रीबाला त्रिपुरसुन्दरी अष्टोत्तरशत 

अस्य श्रीबाला त्रिपुरसुन्दरी अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य दक्षिणामूर्तये ऋषये नमः शिरसि  |  अनुष्टुभे छन्दसे नमः मुखे  |   श्रीबालात्रिपुरसुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये  |   ऐं बीजाय नमः गुह्ये  |  क्लीं शक्तये नमः पादयोः  |   सौः कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीबाला त्रिपरसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः -सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ऐं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

क्लीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

सौः मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

सौः अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

क्लीं  कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ऐं करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

विशत कमल हस्ता पुण्डरीकोपविष्टा धवल कमल भूषा मालती बद्धकेशा। 

सितकरसमवर्णा शुभ्रताटङ्कवर्णा जयतु जित-समस्ता भारती वीण हस्ता।

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

श्रीरुमा भारती भद्रा भवानी विजया जया । वाणी सरस्वती गौरी वाराही कमलासना ।

संपत्प्रदा कमला मातङ्गी च परा जला क्षेमङ्करी । शिवा चण्डी कुण्डली  वैष्णव प्रिया ।

श्रीकर्यैन्द्री मधुमती गिरिजा  सुभगाम्बिका ।  कान्ता पद्मावती हंसा  पद्मवासा मनोहरा ।

अपर्णा  ललिता  धात्री कुमारी  शिखवाहिनी । शांभवी सुमुखी नेत्री त्रिनेत्रा विश्वरूपिणी ।

आर्या मृडान्यहङ्कारी क्रोधिनी सुषमाचरी । अचलासूक्ष्मासूक्ष्मापरा  कान्तिःशर्वार्णीमधुरप्रिया।

महासिद्धिः महायोगी स्वधास्वाहामनोन्मनी ।  त्रिलोकपालिनी माता त्रिसन्ध्या त्रिपुराम्बिका

त्रिशक्तिः त्रिपुरा दुर्गा  ब्राह्मी त्रैलोक्यमोहिनी । त्रिपुष्करा त्रिपथगा योगा  योगेश्वरी  शिवा ।

त्रिगुणा करुणा नित्या निर्विकल्पा निरञ्जना । पालिनी मालिनी चर्चा क्रव्यादा कमलानना ।

 कामाक्षी कामिनी काली  कामदा  कलहंसिका। सलज्जा सुकुला प्राज्ञा प्रभाता नवसुन्दरी।

वागीश्वरी  विशालाक्षी सर्वविद्या सुमोहिनी। शान्ता माहेश्वरी  शक्तिः भैरवी भुवनेश्वरी ।

कात्यायनी केलिपरा ईश्वरी  रुद्रनायकी।  श्रीदेवी श्रीस्नुषाराध्या  श्रीमत्-बालाङ्कुराम्बिका।

एवं-अष्टोत्तरशतं वाग्भवं त्रिपुरेश्वरं । षट्कर्म सिद्धिदं स्तोत्रं साक्षात् त्रैलोक्यमोहनं ।

इति बाला त्रिपुरागमे उमा महेश्वर संवादे श्रीबाला दिव्य नामाष्टोत्तरशतं संपूर्णं।

  1. 1.ॐ श्रियै नमः
  2. 2.ॐ उमायै नमः
  3. 3.ॐ भारत्यै नमः
  4. 4.ॐ भद्रायै नमः
  5. 5.ॐ भवान्यै नमः
  6. 6.ॐ विजयायै नमः
  7. 7.ॐ जयायै नमः
  8. 8.ॐ वाण्यै नमः
  9. 9.ॐ सरस्वत्यै नमः
  10. 10.ॐ गौर्यै नमः
  11. 11.ॐ वाराह्यै नमः
  12. 12.ॐ कमलासनायै नमः
  13. 13.ॐ संपत्प्रदायै नमः
  14. 14.ॐ कमलायै नमः
  15. 15.ॐ मातङ्ग्यै नमः
  16. 16.ॐ परायै नमः
  17. 17.ॐ जलायै नमः
  18. 18.ॐ क्षेमङ्कर्यै नमः
  19. 19.ॐ शिवायै नमः
  20. 20.ॐ चण्डयै नमः
  21. 21.ॐ कुण्डल्यै नमः
  22. 22.ॐ वैष्णव प्रियायै नमः
  23. 23.ॐ श्रीकर्यै नमः
  24. 24.ॐ ऐन्द्रयै नमः
  25. 25.ॐ मधुमत्यै नमः
  26. 26.ॐ गिरिजायै नमः
  27. 27.ॐ सुभगायै नमः
  28. 28.ॐ अंबिकायै नमः
  29. 29.ॐ कान्तायै नमः
  30. 30.ॐ पद्मावत्यै नमः
  31. 31.ॐ हंसायै नमः
  32. 32.ॐ पद्मवासायै
  33. 33.ॐ मनोहरायै नमः
  34. 34.ॐ अपर्णायै नमः
  35. 35.ॐ ललितायै नमः
  36. 36.ॐ धात्र्यै नमः
  37. 37.ॐ कुमार्यै नमः
  38. 38.ॐ शिखवाहिन्यै नमः
  39. 39.ॐ शांभव्यै नमः
  40. 40.ॐ सुमुख्यै नमः
  41. 41.ॐ नेत्र्यै नमः
  42. 42.ॐ त्रिनेत्रायै नमः
  43. 43.ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
  44. 44.ॐ आर्यायै नमः
  45. 45.ॐ मृडान्यै नमः
  46. 46.ॐ अहङ्कार्यै नमः
  47. 47.ॐ क्रोधिन्यै नमः
  48. 48.ॐ सुषमाचर्यै नमः
  49. 49.ॐ अचलायै नमः
  50. 50.ॐ सूक्ष्मायै नमः
  51. 51.ॐ सूक्ष्मापरायै नमः
  52. 52.ॐ कान्त्यै नमः
  53. 53.ॐ शर्वार्णायै नमः
  54. 54.ॐ मधुरप्रियायै नमः
  55. 55.ॐ महासिद्धये नमः
  56. 56.ॐ महायोग्यै नमः
  57. 57.ॐ स्वधायै नमः
  58. 58.ॐ स्वाहायै नमः
  59. 59.ॐ मनोन्मन्यै नमः
  60. 60.ॐ त्रिलोकपालिन्यैनमः
  61. 61.ॐ मात्रे नमः
  62. 62.ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः
  63. 63.ॐ त्रिपुराम्बिकायै नमः
  64. 64.ॐ त्रिशक्तये नमः
  65. 65.ॐ त्रिपुरायै नमः
  66. 66.ॐ दुर्गायै नमः
  67. 67.ॐ ब्राह्म्यै नमः
  68. 68.ॐ त्रैलोक्यमोहिन्यै नमः
  69. 69.ॐ त्रिपुष्करायै नमः
  70. 70.ॐ त्रिपथगायै नमः
  71. 71.ॐ योगायै नमः
  72. 72.ॐ योगेश्वर्यै नमः
  73. 73.ॐ शिवायै नमः
  74. 74.ॐ त्रिगुणायै नमः
  75. 75.ॐ करुणायै नमः
  76. 76.ॐ नित्यायै नमः
  77. 77.ॐ निर्विकल्पायै नमः
  78. 78.ॐ निरञ्जनायै नमः
  79. 79.ॐ पालिन्यै नमः
  80. 80.ॐ मालिन्यै नमः
  81. 81.ॐ चर्चायै नमः
  82. 82.ॐ क्रव्यादायै नमः
  83. 83.ॐ कमलाननायै नमः
  84. 84.ॐ कामाक्ष्यै नमः
  85. 85.ॐ कामिन्यै नमः
  86. 86.ॐ काल्यै नमः
  87. 87.ॐ कामदायै नमः
  88. 88.ॐ कलहंसिकायै नमः
  89. 89.ॐ सलज्जायै नमः
  90. 90.ॐ सुकुलायै नमः
  91. 91.ॐ प्राज्ञायै नमः
  92. 92.ॐ प्रभातायै नमः
  93. 93.ॐ नवसुन्दर्यै नमः
  94. 94.ॐ वागीश्वर्यै नमः
  95. 95.ॐ विशालाक्ष्यै नमः
  96. 96.ॐ सर्वविद्या सुमोहिन्यै नमः
  97. 97.ॐ शान्तायै नमः
  98. 98.ॐ माहेश्वर्यै नमः
  99. 99.ॐ शक्तये नमः
  100. 100.ॐ भैरव्यै नमः
  101. 101.ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
  102. 102.ॐ कात्यायन्यै नमः
  103. 103.ॐ केलिपरायै नमः
  104. 104.ॐ ईश्वर्यै नमः
  105. 105.ॐ रुद्रनायक्यै नमः
  106. 106.ॐ श्रीदेव्यै नमः
  107. 107.ॐ श्रीस्नुषाराध्यायै नमः
  108. 108.ॐ श्रीमत्-बालाङ्कुराम्बिकायै नमः  
  1. श्रीदुर्गा अष्टोत्तरशत 

अस्य श्रीदुर्गा अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य वसिन्यादि वाग्देवताभ्यो ऋषिभ्यो नमः शिरसि  |  अनुष्टुभे छन्दसे नमः मुखे  |  श्रीदुर्गा त्रिपुरसुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये  |   ऐं बीजाय नमः गुह्ये  |  क्लीं शक्तये नमः पादयोः  |   सौः कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीदुर्गा त्रिपरसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ह्रां मूलप्रकृत्यै अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ह्रीं सर्वज्ञशक्त्यै तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रूं मायाशक्त्यै मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रैं इच्छाशक्त्यै अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रौं ज्ञानशक्त्यै  कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ह्रः क्रियाशक्त्यै करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

अष्टादशभुजां दुर्गां रक्तकुण्डल समप्रभां। पाशाङ्कुशाभय ढक्क शूल त्रिशूलकां। 

वह्नि सर्प सृणी चक्रां घण्टा खेटक धारिणीं। कुठार परशुं शङ्खं कपाल जर भूषणां। 

षोडशायुध सम्युक्तां सदा रक्तबलिप्रियां। पञ्चास्य-वाहानारूढां चण्डमुण्ड विनाशिनीं। 

पञ्चपूजा:लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

श्रीदुर्गा चण्डिका काली पार्वती सर्वमङ्गला। अयोनिजा भूत लास्या सर्वज्ञा चन्द्रवन्दिता।

महागौरी देवमाता शर्वशक्तिरनीश्वरी। निर्गुणा शूरजननी वाराही भुवनेश्वरी।

शङ्करी राक्षस हरा मृत्युञ्जय मनोरमा। भोगशक्तिःवीरशक्तिःभैरवी कृष्णपिङ्गला।

उमा माया महामूर्खा शाम्भवी श्रीपतिस्वसा। शुभ्रमाया चन्द्रहास्या सूर्यकान्ति जटाधरी

कन्दुरूपा महारूपा योगनिष्ठा सुवासिनी। माहेश्वरी नीतिमार्गा मोहिनी भण्डनाशिनी।

हेरम्बमाता गिरिजा सुरपूज्या सुमेखला। लिङ्गोद्भवा मोक्षदात्री नित्यानन्दा महाबला।

कर्मज्ञा शास्त्रनिपुणा भवानी मांसभक्षिणी। शिवभार्या शैलरूपा चामुण्डी हस्तिभूषणा

रुद्राणी नीलसङ्काशा पाञ्चाली कनकाचला। रक्तजिह्वाशून्या कामाक्षी सिंहवाहना।

अष्टबाहु रक्तवर्णा बलिप्रीता कलावती। शूलहस्ता खड्गहस्ता ढक्कहस्ता हरिध्वजा।

पाशहस्ता घण्टाहस्ता वह्निहस्ता पराक्रमा। वराभयभुजा भूतमर्दिनी यन्त्रवासिनी

वह्नि वक्त्रा रक्तनेत्रा शुम्भदैत्यविनाशिनी । कठोरहृदया बाला वृद्धा ज्योत्स्ना तपस्विनी।

बलाहका दुर्लभा विन्ध्यशैलमध्यनिवासिनी । तेजोवती दक्षपुत्री सितोग्रा वृषभासना ।

ऊर्ध्वकेशी वह्निजिह्वा सदा रक्त बलि प्रिया। नवाक्षरी जगन्माता काम क्रोध विवर्जिता

 वेताल नाशिनी दुष्टकृधना विधिपूजिता। भयङ्करी युद्धकला शिवा महिषमर्दिनी

  1. 1.३-श्रीदुर्गायै नमः
  2. 2.३-चण्डिकायै नमः
  3. 3.३-काल्यै नमः
  4. 4.३-पार्वत्यै नमः
  5. 5.३-सर्वमङ्गलायै नमः
  6. 6.३-अयोनिजायै नमः
  7. 7.३-भूत लास्यायै नमः
  8. 8.३-सर्वज्ञायै नमः
  9. 9.३-चन्द्रवन्दितायै नमः
  10. 10.३-महागौर्यै नमः
  11. 11.३-देवमात्रे नमः
  12. 12.३-शर्वशक्तये नमः
  13. 13.३-अनीश्वर्यै नमः
  14. 14.३-निर्गुणायै नमः
  15. 15.३-शूरजनन्यै नमः
  16. 16.३-वाराह्यै नमः
  17. 17.३-भुवनेश्वर्यै नमः
  18. 18.३-शङ्कर्यै नमः
  19. 19.३-राक्षस हरायै नमः
  20. 20.३-मृत्युञ्जय मनोरमायै नमः
  21. 21.३-भोगशक्तये नमः
  22. 22.३-वीरशक्तये नमः
  23. 23.३-भैरव्यै नमः
  24. 24.३-कृष्णपिङ्गलायै नमः
  25. 25.३-उमायै नमः
  26. 26.३- मायायै नमः
  27. 27.३- महामूर्खायै नमः
  28. 28.३- शाम्भव्यै नमः
  29. 29.३- श्रीपतिस्वस्रे नमः
  30. 30.३- शुभ्रमायायै नमः
  31. 31.३- चन्द्रहास्यायै नमः
  32. 32.३- सूर्यकान्त्यै नमः
  33. 33.३- जटाधर्यै नमः
  34. 34.३- कन्दुरूपायै नमः
  35. 35.३- महारूपायै नमः
  36. 36.३- योगनिष्ठायै नमः
  37. 37.३- सुवासिन्यै नमः
  38. 38.३- माहेश्वर्यै नमः
  39. 39.३- नीतिमार्गायै नमः
  40. 40.३- मोहिन्यै नमः
  41. 41.३- भण्डनाशिन्यै नमः
  42. 42.३- हेरम्बमात्रे नमः
  43. 43.३- गिरिजायै नमः
  44. 44.३- सुरपूज्यायै नमः
  45. 45.३- सुमेखलायै नमः
  46. 46.३- लिङ्गोद्भवायै नमः
  47. 47.३- मोक्षदात्र्यै नमः
  48. 48.३- नित्यानन्दायै नमः
  49. 49.३- महाबलायै नमः
  50. 50.३- कर्मज्ञायै नमः
  51. 51.३- शास्त्रनिपुणायै नमः
  52. 52.३- भवान्यै नमः
  53. 53.३- मांसभक्षिण्यै नमः
  54. 54.३- शिवभार्यायै नमः
  55. 55.३- शैलरूपायै नमः
  56. 56.३- चामुण्ड्यै नमः
  57. 57.३- हस्तिभूषणायै नमः
  58. 58.३- रुद्राण्यै नमः
  59. 59.३- नीलसङ्काशायै नमः
  60. 60.३- पाञ्चाल्यै नमः
  61. 61.३- कनकाचलायै नमः
  62. 62.३- रक्तजिह्वायै नमः
  63. 63.३- अशून्यायै नमः
  64. 64.३- कामाक्ष्यै नमः
  65. 65.३- सिंहवाहनायै नमः
  66. 66.३- अष्टबाहवे नमः
  67. 67.३- रक्तवर्णायै नमः
  68. 68.३- बलिप्रीतायै नमः
  69. 69.३- कलावत्यै नमः
  70. 70.३- शुलहस्तायै नमः
  71. 71.३- खड्गहस्तायै नमः
  72. 72.३- ढक्कहस्तायै नमः
  73. 73.३- हरिध्वजायै नमः
  74. 74.३- पाशहस्तायै नमः
  75. 75.३- घण्टाहस्तायै नमः
  76. 76.३- वह्निहस्तायै नमः
  77. 77.३- पराक्रमायै नमः
  78. 78.३- वराभयभुजायै नमः
  79. 79.३- भूतमर्दिन्यै नमः
  80. 80.३- यन्त्रवासिन्यै नमः
  81. 81.३- वह्निवक्त्रायै नमः
  82. 82.३- रक्तनेत्रायै नमः
  83. 83.३- शुम्भदैत्यविनाशिन्यै नमः
  84. 84.३- कठोरहृदयायै नमः
  85. 85.३- बालायै नमः
  86. 86.३- वृद्धायै नमः
  87. 87.३- ज्योत्स्नायै नमः
  88. 88.३- तपस्विन्यै नमः
  89. 89.३- बलाहकायै नमः
  90. 90.३- दुर्लभायै नमः
  91. 91.३- विन्ध्यशैलमध्यनिवासिन्यै नमः
  92. 92.३- तेजोवत्यै नमः
  93. 93.३- दक्षपुत्र्यै नमः
  94. 94.३- सितोग्रायै नमः
  95. 95.३- वृषभासनायै नमः
  96. 96.३- ऊर्ध्वकेश्यै नमः
  97. 97.३- वह्निजिह्वायै नमः
  98. 98.३- सदा रक्त बलि प्रियायै नमः
  99. 99.३- नवाक्षर्यै नमः
  100. 100.३- जगन्मात्रे नमः
  101. 101.३- काम क्रोध विवर्जितायै नमः
  102. 102.३- वेताल नाशिन्यै नमः
  103. 103.३- दुष्टकृधनायै नमः
  104. 104.३- विधिपूजितायै नमः
  105. 105.३- भयङ्कर्यै नमः
  106. 106.३- युद्धकलायै नमः
  107. 107.३- शिवायै नमः
  108. 108.३- महिषमर्दिन्यै नमः
  109. श्रीत्रिपुरसुन्दरी अष्टोत्तरशत

अस्य श्रीत्रिपुरसुन्दरी अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य गौतमाय ऋषये नमः शिरसि | अनुष्टुभे छन्दसे नमः मुखे | श्रीमहात्रिपुरसुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये | ह्रां बीजाय नमः गुह्ये | ह्रीं शक्तये नमः पादयोः | ह्रूं कीलकाय नमः नाभौ  | श्रीमहात्रिपरसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः -सर्वाङ्गे

कर न्यास: – हृदयादि न्यास: 

ह्रां मूलप्रकृत्यै अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ह्रीं सर्वज्ञशक्त्यै तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रूं मायाशक्त्यै मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रैं इच्छाशक्त्यै अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रौं ज्ञानशक्त्यै कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ह्रः क्रियाशक्त्यै करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

चतुर्भुजां शुकारूढां सर्वलोकवशीकरां। पुष्पबाणाङ्कुशं पाशं पुण्ड्रेक्षुकरभूषणां। 

शुम्भदैत्य प्रमथनां देव वृन्दवरप्रदां विष्णु ब्रह्मेन्द्रसेव्यां श्रीमहात्रिपुरसुन्दरीं।

पञ्चपूजा:लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमःकल्याणी  त्रिपुरा  बाला  माया  त्रिपुरसुन्दरी ।  सुन्दरी  सौभाग्यवती क्लीङ्कारी सर्वमङ्गला ।

ऐङ्कारी स्कन्दजननी परा  पञ्चदशाक्षरी ।  त्रिलोक्य मोहनाधीशा  सर्वाशापूर वल्लभा ।

सर्वसङ्क्षोभण पूर्वा  नव मुद्रेश्वरी शिवा । अनङ्गकुसुमाध्येया चक्रेश्वशी भुवनेश्वरी । 

गुप्ता गुप्ततरा नित्या नित्यक्लिन्ना मदद्रवा। मोहिनी परमानन्दा  कामेशी तारुणी कला ।

कलावती भगवती पद्मरागकिरीटिनी ।  रक्तवस्त्रा   रक्तभूषा   रक्तगन्धानुलेपना  ।

सौगन्धिक लसद्वेणी मन्त्रिणी  मन्त्ररूपिणी । तत्त्वत्रयी  तत्त्वमयी सिद्धान्तपुरवासिनी ।

श्रीमती महादेवी कौलिनी परदेवता ।  कैवल्यरेखा वशिनी सर्वेशी  सप्तमातृका ।

विष्णुस्वस्रु वेदमयी सर्वसम्पत्प्रदायिनी ।  किंकरीभूत गीर्वाणी   सुधा पानविमोदिनी ।

आधारवीथि पतिका स्वाधिष्ठान समाश्रया।  मणिपूरसदनासीना  अनाहताब्जनिवासिनी ।

विशुद्धिस्थलसंश्रुता आज्ञापद्मासनासीना । अष्टात्रिंशत्कलामूर्तये  सुषुम्नाद्वारमध्यमा ।

योगीश्वर मनो ध्येया परब्रह्मस्वरूपिणी । चतुर्भुजा  चन्द्रचूडा  पुराणागमरूपिणी  ।

ओङ्कारी विमला  विद्या  पञ्चप्रणवरूपिणी ।  भूतेश्वरी  भूतमयी पञ्चाशद्वर्णरूपिणी ।

षोढा न्यास महाभूषा कामाक्षी दशमातृका। आधारशक्तिररुणा लक्ष्मिः त्रिपुरभैरवी। 

रहःपूजा समालोला रहोयज्ञस्वरूपिणी  ।  त्रिकोणमध्यनिलया  षट्कोणपुरवासिनी 

वसुकोणपुरावासा दशकोणद्वयवासिनी ।  चतुर्दशारकोणस्था  वसुपद्मनिवासिनी 

स्वराजपत्रनिलया वृत्तत्रयनिवासिनी ।  चतुरश्र स्वरूपा  बिन्दुस्थल समन्विता ।

कैलासवासिनी  देवी शङ्करप्राण वल्लभा ।  त्रि चतुश्चक्रकोणस्था  चन्द्रमौलीश्वरप्रिया ।

साक्षात्-श्रीदक्षिणामूर्तिः महिषासुरमर्दिनी ।  कामकोटिमहापद्मस्था  महात्रिपुरसुन्दरी ।

कल्हारकुसुमप्रीता  कौमारी  शिवशङ्करी ।

  1. 1.ॐ कल्याण्यै नमः ।
  2. 2.ॐ त्रिपुरायै नमः ।
  3. 3.ॐ बालायै नमः ।
  4. 4.ॐ मायायै नमः ।
  5. 5.ॐ त्रिपुरसुन्दर्यै नमः ।
  6. 6.ॐ सुन्दर्यै नमः ।
  7. 7.ॐ सौभाग्यवत्यै नमः ।
  8. 8.ॐ क्लीङ्कार्यै नमः ।
  9. 9.ॐ सर्वमङ्गलायै नमः ।
  10. 10.ॐ ऐङ्कार्यै नमः । १०
  11. 11.ॐ स्कन्दजनन्यै नमः ।
  12. 12.ॐ परायै नमः ।
  13. 13.ॐ पञ्चदशाक्षर्यै नमः ।
  14. 14.ॐ त्रिलोक्य मोहनाधीशायै नमः ।
  15. 15.ॐ सर्वाशापूर वल्लभायै नमः ।
  16. 16.ॐ सर्वसङ्क्षोभण पूर्वायै नमः ।
  17. 17.ॐ नव मुद्रेश्वर्यै नमः । 
  18. 18.ॐ शिवायै नमः ।
  19. 19.ॐ अनङ्गकुसुमा-ध्येयायै नमः ।
  20. 20.ॐ चक्रेश्वश्यै नमः ।
  21. 21.ॐ भुवनेश्वर्यै नमः ।
  22. 22.ॐ गुप्तायै नमः ।
  23. 23.ॐ गुप्ततरायै नमः ।
  24. 24.ॐ नित्यायै नमः ।
  25. 25.ॐ नित्यक्लिन्नायै नमः । 
  26. 26.ॐ मदद्रवायै नमः ।
  27. 27.ॐ मोहिन्यै नमः ।
  28. 28.ॐ परमायै नमः
  29. 29.ॐ आनन्दायै नमः ।
  30. 30.ॐ कामेश्यै नमः । 
  31. 31.ॐ तारुण्यै नमः । 
  32. 32.ॐ कलायै नमः ।
  33. 33.ॐ कलावत्यै नमः ।
  34. 34.ॐ भगवत्यै नमः ।
  35. 35.ॐ पद्मरागकिरीटिन्यै नमः ।
  36. 36.ॐ रक्तवस्त्रायै नमः। 
  37. 37.ॐ रक्तभूषायै नमः। 
  38. 38.ॐ रक्तगन्धानुलेपनायै नमः। 
  39. 39.ॐ सौगन्धिक लसद्वेण्यै नमः ।
  40. 40.ॐ मन्त्रिण्यै नमः ।
  41. 41.ॐ मन्त्ररूपिण्यै नमः ।
  42. 42.ॐ तत्त्वत्रय्यै नमः ।
  43. 43.ॐ तत्त्वमय्यै नमः ।
  44. 44.ॐ सिद्धान्तपुरवासिन्यै नमः ।
  45. 45.ॐ श्रीमत्यै नमः ।
  46. 46.ॐ महादेव्यै नमः । 
  47. 47.ॐ कौलिन्यै नमः ।
  48. 48.ॐ परदेवतायै नमः ।
  49. 49.ॐ कैवल्यरेखायै नमः ।
  50. 50.ॐ वशिन्यै नमः ।
  51. 51.ॐ सर्वेश्यै नमः । 
  52. 52.ॐ सप्तमातृकायै नमः ।
  53. 53.ॐ विष्णुस्वस्रे नमः ।
  54. 54.ॐ वेदमय्यै नमः ।
  55. 55.ॐ सर्वसम्पत्प्रदायिन्यै नमः ।
  56. 56.ॐ किंकरीभूत गीर्वाण्यै नमः । 
  57. 57.ॐ सुधा पानविमोदिन्यै नमः ।
  58. 58.ॐ आधारवीथि पतिकायै नमः ।
  59. 59.ॐ स्वाधिष्ठान समाश्रयायै नमः ।
  60. 60.ॐ मणिपूरसदनासीनायै नमः ।
  61. 61.ॐ अनाहताब्जनिवासिन्यै नमः ।
  62. 62.ॐ विशुद्धिस्थलसंश्रुतायै नमः ।
  63. 63.ॐ आज्ञापद्मासनासीनायै नमः ।
  64. 64.ॐ अष्टात्रिंशत्कलामूर्तये नमः ।
  65. 65.ॐ सुषुम्नाद्वारमध्यमायै नमः ।
  66. 66.ॐ योगीश्वर मनो ध्येयायै नमः ।
  67. 67.ॐ परब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः ।
  68. 68.ॐ चतुर्भुजायै नमः ।
  69. 69.ॐ चन्द्रचूडायै नमः ।
  70. 70.ॐ पुराणागमरूपिण्यै नमः । 
  71. 71.ॐ ओङ्कार्यै नमः। 
  72. 72.ॐ विमलायै नमः। 
  73. 73.ॐ विद्यायै नमः । 
  74. 74.ॐ पञ्चप्रणवरूपिण्यै नमः ।
  75. 75.ॐ भूतेश्वर्यै नमः ।
  76. 76.ॐ भूतमय्यै नमः ।
  77. 77.ॐ पञ्चाशद्वर्णरूपिण्यै नमः ।
  78. 78.ॐ षोढा न्यास महाभूषायै नमः ।
  79. 79.ॐ कामाक्ष्यै नमः ।
  80. 80.ॐ दशमातृकायै नमः ।
  81. 81.ॐ आधारशक्तये नमः ।
  82. 82.ॐ अरुणायै नमः । ९०
  83. 83.ॐ लक्ष्म्यै नमः ।
  84. 84.ॐ त्रिपुरभैरव्यै नमः ।
  85. 85.ॐ रहःपूजा समालोलायै नमः।
  86. 86.ॐ रहोयज्ञस्वरूपिण्यै नमः। 
  87. 87.ॐ त्रिकोणमध्यनिलयायै नमः ।
  88. 88.ॐ षट्कोणपुरवासिन्यै नमः ।
  89. 89.ॐ वसुकोणपुरावासायै नमः ।
  90. 90.ॐ दशकोणद्वयवासिन्यै नमः ।
  91. 91.ॐ चतुर्दशारकोणस्थायै नमः ।
  92. 92.ॐ वसुपद्मनिवासिन्यै नमः ।
  93. 93.ॐ स्वराजपत्रनिलयायै नमः ।
  94. 94.ॐ वृत्तत्रयनिवासिन्यै नमः ।
  95. 95.ॐ चतुरश्र स्वरूपायै नमः ।
  96. 96.ॐ बिन्दुस्थल समन्वितायै नमः ।
  97. 97.ॐ कैलासवासिन्यै नमः ।
  98. 98.ॐ देव्यै नमः ।
  99. 99.ॐ शङ्करप्राण वल्लभायै नमः ।
  100. 100.ॐ त्रि चतुश्चक्रकोणस्थायै नमः ।
  101. 101.ॐ चन्द्रमौलीश्वरप्रियायै नमः ।
  102. 102.ॐ साक्षात्-श्रीदक्षिणामूर्तये नमः ।
  103. 103.ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः ।
  104. 104.ॐ कामकोटिमहापद्मस्थायै नमः ।
  105. 105.ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः ।
  106. 106.ॐ कल्हारकुसुमप्रीतायै नमः ।
  107. 107.ॐ कौमार्यै नमः ।
  108. 108.ॐ शिवशङ्कर्यै नमः ।
  1. श्रीचामुण्डी अष्टोत्तरशत 

अस्य श्रीचामुण्डिका अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य याज्ञवल्क्याय ऋषये नमः शिरसि  |  घृर्छत्यै छन्दसे नमः मुखे  |   श्रीचामुण्डीश्वर्यै देवतायै नमः हृदये  |  श्रीं बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं शक्तये नमः पादयोः।क्लीं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीचामुण्डीश्वरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः -सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ह्रां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ह्रीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रूं मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रैं अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रौं कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ह्रः करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

उत्फुल्ल बाण सृणि पाश वाराभयाढ्यां । खड्ग त्रिशूल धर चाप करां विभूष्यां।

सिंह ध्वजाम सुरयुद्ध धुरन्ध देवीं। भण्डासुरादि गणा बृन्द परा स नारीं। 

पञ्चपूजा:लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमःश्रीचामुण्डा श्रीगणाम्बा श्रीमत्पीताम्बरस्वरा। श्रीविद्या-वेद्यमहिमा श्रीचक्र-पुरवासिनी ॥ १॥

श्रीकण्ठललना गौरी गिरिजा भुवनेश्वरी। महाकाळी महाल्क्ष्मीः माहावाणी मनोन्मनी ॥ २॥

सहस्रशीर्षसंयुक्ता सहस्रकरमण्डिता। कौसुंभवस्त्राकृधना रत्नकञ्चुकधारिणी ॥ ३॥

गणेशस्कन्दजननी जपाकुसुम भासुरा। कात्यायनी महादुर्गा मन्त्रिणी दमनी जया ॥ ४॥

कङ्कालरमणी कामपत्नी नीराजन प्रिया। नीलाक्षी नित्यकल्याणी प्रमदा वल्लीपूजिता॥ ५॥

इन्द्राक्षी बगळा बाला चक्रेशी विजयाम्बिका। पञ्चास्य वाहना पञ्चदशाक्षर सुरार्चिता ॥ ६॥

महाधराश्र-निलया महिषासुर-घातिनी। मधुकैटभसंहन्त्री मधुमांसादि भक्षणा ॥ ७॥

कामेश्वरी योगनिद्रा भवानी चण्डिका सती। दक्षात्मजा केकिमूर्तिः सृष्टिस्थित्यन्तकारिणी ॥ ८॥

अन्नपूर्णा जलस्तम्भा काळरात्री महोदधि। निशुंभदमनी रक्तबीज-बृन्द-निषूदिनी ॥ ९॥

ब्राह्म्यादिमातृकारूपा शुभा षट्चक्रदेवता। मूलप्रकृतिःमहाकाली पाञ्चाली भीमसुन्दरी ॥ १०॥

बिन्दुपीठकृतावासा मध्यसिंहासनेश्वरी। चिद्रूपी कोपना गङ्गा विन्ध्याचलनिवासिनी ॥ ११॥

हयग्रीवागस्त्य पूज्या सोमसूर्याग्निलोचना । जालन्धरसुपीठस्था नीललोहित भामिनी ॥ १२॥

नवावरणसम्पूज्या नवाक्षरमनुस्तुता। नवलावण्यरूपाड्या ज्वलद्द्वात्रिंशतायुधा ॥ १३॥

कामेशबद्धमाङ्गल्या चन्द्ररेखा विभूषिता। चरचरजगद्रूपा नित्यक्लिन्नाऽपराजिता ॥ १४॥

ओड्याणपीठनिलया ललिता विष्णुसोदरी। दंष्ट्राकराळवदना वज्रेशी वह्निवासिनी ॥ १५॥

सर्वमङ्गळरूपाढ्या सच्चिदानन्द विग्रहा। अष्टादशसुपीठस्था भेरुण्डा भैरवी परा ॥ १६॥

रुण्डमालालसत्कण्ठा भण्डासुरविमर्धिनी। पुण्ड्रेक्षुकाण्ड कोदण्ड पुष्पबाण लसत्करा ॥ १७॥

शिवदूती वेदमाता शाङ्करी सिंहवाहना । चतुःषष्ट्यूपचाराड्या योगिनीगणसेविता ॥ १८॥

नवदुर्गा भद्रकाळी कदम्बवनवासिनी। चण्डमुण्ड शिरःछेत्री महाराज्ञी सुधामयी ॥ १९॥

श्रीचक्रवरताटङ्का श्रीशैलभ्रमराम्बिका श्रीराजराज वरदा श्रीमत्त्रिपुरसुन्दरी ॥ २०॥

शाकम्बरी शान्तिदात्री शतहन्त्री शिवप्रदा। राकेन्दुवदना रम्या रमणीयवराकृतिः ॥ २१॥

श्रीमच्चामुण्डिका देव्या नाम्नामष्टोत्तरं शतं। पठन् भक्त्याऽर्चयन् देवीं सर्वान् कामानवाप्नुयात् ॥॥

इति श्री चामुण्डेश्वरी अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रं ॥॥

  1. 1.ॐ श्रीचामुण्डायै नमः ।
  2. 2.ॐ श्रीगणाम्बायै नमः ।
  3. 3.ॐ श्रीमत्पीताम्बर-स्वरायै नमः ।
  4. 4.ॐ श्रीविद्या-वेद्यमहिमायै नमः
  5. 5.ॐ श्रीचक्र-पुरवासिन्यै नमः ।
  6. 6.ॐ श्रीकण्ठललनायै नमः ।
  7. 7.ॐ गौर्यै नमः ।
  8. 8.ॐ गिरिजायै नमः ।
  9. 9.ॐ भुवनेश्वर्यै नमः ।
  10. 10.ॐ महाकाल्यै नमः । १०
  11. 11.ॐ महालक्ष्म्यै नमः ।
  12. 12.ॐ माहावाण्यै नमः ।
  13. 13.ॐ मनोन्मन्यै नमः ।
  14. 14.ॐ सहस्रशीर्ष संयुक्तायै नमः ।
  15. 15.ॐ सहस्रकरमण्डितायै नमः ।
  16. 16.ॐ कौसुंभवस्त्राकृधनायै नमः ।
  17. 17.ॐ रत्नकञ्चुकधारिण्यै नमः ।
  18. 18.ॐ गणेशस्कन्दजनन्यै नमः ।
  19. 19.ॐ जपाकुसुम भासुरायै नमः ।
  20. 20.ॐ कात्यायिन्यै नमः ।
  21. 21.ॐ महादुर्गायै नमः ।
  22. 22.ॐ मन्त्रिण्यै नमः ।
  23. 23.ॐ दमन्यै नमः ।
  24. 24.ॐ जयायै नमः ।
  25. 25.ॐ कङ्कालरमण्यै नमः।
  26. 26.ॐ कामपत्न्यै नमः।
  27. 27.ॐ नीराजन प्रियायै नमः। 
  28. 28.ॐ नीलाक्ष्यै नमः। 
  29. 29.ॐ नित्यकल्याण्यै नमः। 
  30. 30.ॐ प्रमदायै नमः
  31. 31.ॐ वल्लीपूजितायै नमः । 
  32. 32.ॐ इन्द्राक्ष्यै नमः ।
  33. 33.ॐ बगलायै नमः ।
  34. 34.ॐ बालायै नमः । 
  35. 35.ॐ चक्रेश्यै नमः ।
  36. 36.ॐ विजयाम्बिकायै नमः ।
  37. 37.ॐ पञ्चास्य वाहनायै नमः ।
  38. 38.ॐ पञ्चदशाक्षर सुरार्चितायै नमः । 
  39. 39.ॐ महाधराश्र-निलयायै नमः ।
  40. 40.ॐ महिषासुरघातिन्यै नमः ।
  41. 41.ॐ मधुकैटभसंहन्त्र्यै नमः
  42. 42.ॐ मधु-मांसादि भक्षणायै नमः ।
  43. 43.ॐ कामेश्वर्यै नमः ।
  44. 44.ॐ योगनिद्रायै नमः । ४०
  45. 45.ॐ भवान्यै नमः ।
  46. 46.ॐ चण्डिकायै नमः ।
  47. 47.ॐ सत्यै नमः ।
  48. 48.ॐ दक्षात्मजायै नमः ।
  49. 49.ॐ केकिमूर्तये नमः ।
  50. 50.ॐ सृष्टिस्थित्यन्तकारिण्यै नमः ।
  51. 51.ॐ अन्नपूर्णायै नमः ।
  52. 52.ॐ जलस्तम्भायै नमः ।
  53. 53.ॐ कालरात्र्यै नमः ।
  54. 54.ॐ महोदधये नमः ।
  55. 55.ॐ निशुंभ दमन्यै नमः ।
  56. 56.ॐ रक्तबीजबृन्द निषूदिन्यै नमः । ५०
  57. 57.ॐ ब्राह्म्यादिमातृकारूपायै नमः ।
  58. 58.ॐ शुभायै नमः ।
  59. 59.ॐ षट्चक्रदेवतायै नमः ।
  60. 60.ॐ मूलप्रकृतये नमः ।
  61. 61.ॐ महाकाल्यै नमः ।
  62. 62.ॐ पाञ्चाल्यै नमः ।
  63. 63.ॐ भीमसुन्दर्यै नमः ।
  64. 64.ॐ बिन्दुपीठकृतावासायै नमः ।
  65. 65.ॐ मध्यसिंहासनेश्वर्यै नमः ।
  66. 66.ॐ चिद्रूप्यै नमः । ६०
  67. 67.ॐ कोपनायै नमः ।
  68. 68.ॐ गङ्गायै नमः ।
  69. 69.ॐ विन्ध्याचलनिवासिन्यै नमः ।
  70. 70.ॐ हयग्रीवागस्त्य पूज्यायै नमः ।  
  71. 71.ॐ सोमसूर्याग्निलोचनायै नमः ।
  72. 72.ॐ जालन्धरसुपीठस्थायै नमः ।
  73. 73.ॐ नीललोहित भामिन्यै नमः ।
  74. 74.ॐ नवावरणसम्पूज्यायै नमः । ७०
  75. 75.ॐ नवाक्षरमनुस्तुतायै नमः ।
  76. 76.ॐ नवलावण्यरूपाड्यायै नमः ।
  77. 77.ॐ द्वात्रिंशत्ज्वलतायुधायै नमः ।
  78. 78.ॐ कामेशबद्धमाङ्गल्यायै नमः ।
  79. 79.ॐ चन्द्ररेखा विभूषितायै नमः ।
  80. 80.ॐ चराचरजगद्रूपायै नमः ।
  81. 81.ॐ नित्यक्लिन्नायै नमः ।
  82. 82.ॐ अपराजितायै नमः ।
  83. 83.ॐ ओड्यान्नपीठनिलयायै नमः ।
  84. 84.ॐ ललितायै नमः ।
  85. 85.ॐ विष्णुसोदर्यै नमः ।
  86. 86.ॐ दंष्ट्राकरालवदनायै नमः । ८०
  87. 87.ॐ वज्रेश्यै नमः ।
  88. 88.ॐ वह्निवासिन्यै नमः ।
  89. 89.ॐ सर्वमङ्गलरूपाड्यायै नमः ।
  90. 90.ॐ सच्चिदानन्द विग्रहायै नमः ।
  91. 91.ॐ अष्टादशसुपीठस्थायै नमः ।
  92. 92.ॐ भेरुण्डायै नमः ।
  93. 93.ॐ भैरव्यै नमः ।
  94. 94.ॐ परायै नमः ।
  95. 95.ॐ रुण्डमालालसत्कण्ठायै नमः ।
  96. 96.ॐ भण्डासुरविमर्धिन्यै नमः । ९०
  97. 97.ॐ पुण्ड्रेक्षुकाण्ड कोदण्डायै नमः ।
  98. 98.ॐ पुष्पबाण लसत्करायै नमः ।
  99. 99.ॐ शिवदूत्यै नमः ।
  100. 100.ॐ वेदमात्रे नमः ।
  101. 101.ॐ शाङ्कर्यै नमः ।
  102. 102.ॐ सिंहवाहिन्यै नमः ।
  103. 103.ॐ चतुः षष्ट्यूपचाराड्यायै नमः ।
  104. 104.ॐ योगिनीगणसेवितायै नमः ।
  105. 105.ॐ वनदुर्गायै नमः ।
  106. 106.ॐ भद्रकाल्यै नमः । १००
  107. 107.ॐ कदम्बवनवासिन्यै नमः ।
  108. 108.ॐ चण्डमुण्ड शिरःछेत्र्यै नमः ।
  109. 109.ॐ महाराज्ञ्यै नमः ।
  110. 110.ॐ सुधामय्यै नमः ।
  111. 111.ॐ श्रीचक्रवरताटङ्कायै नमः ।
  112. 112.ॐ श्रीशैलभ्रमराम्बिकायै नमः ।
  113. 113.ॐ श्रीराजराजवरदायै नमः ।
  114. 114.ॐ श्रीमत्त्रिपुरसुन्दर्यै नमः ॥ १०८
  1. श्रीवाराही अष्टोत्तरशत

अस्य श्रीवाराही अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य कात्यायनाय ऋषये नमः शिरसि  |  विराडे छन्दसे नमः मुखे  |   श्रीवाराह्यम्बायै देवतायै नमः हृदये  |   ऐं बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं शक्तये नमः पादयोः  |   श्रीं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीवाराह्यम्बा प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः -सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ह्रां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ह्रीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रूं मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रैं अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रौं कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ह्रः करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

चतुर्भुजां रक्तनेत्रां भानुकोटिसमप्रभां  शूलचक्र गदा चक्राङ्कुशं ग्रासन संस्थितां। 

दैत्य बृन्दवधोत्युक्तां वाराहानन सुन्दरीं रक्तबलिप्रीतां गर्भस्त्रीमांस भक्षिणीं। 

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

वाराही घोरवदना रक्तवर्णा त्रिलोचना।  चतुर्भुजा जीरहस्ता शूलधारी कु-हला।

अट्टहासा क्रूरमुखा चामुण्डी मांस भक्षिणी।  दम्ष्ट्राकरालवदना व्योमकेशी शवासना।

कठोरहृदया घोरनेत्रा कठिन विग्रहा।  वीराट्टहासिनी गर्भछेदना रक्तभोजिनी।

भैरवी सूर्यकिरणा हस्तिमाल्यविभूषिता।  सप्तमाता शम्भुरमा वीरा वैष्णवरूपिणी।

दानवान्तकरी दुर्गा लक्ष्मी वाणी परात्मिका।  अघोरी पाण्डवाराध्या रक्तबीजपरासना।

सौमङ्गली कालदम्ष्ट्री खट्वाङ्गी  हरिवाहना।  चतुनाशकरा गौरी कामाक्षी शौरिसेविता।

कपालहस्ता गम्भीरा मारदेहा अभयङ्करी।  यज्ञेशी रोगहन्त्री मेघनाथा तटित्प्रभा।

जलस्तम्भा वामरूपा ढक्कहस्ता दयापरा।  पानप्रिया वामदेवी पीनगात्री  जयप्रदा।

भक्तसख्या वरारोहा बलिनी ताम्रवर्णी।  भण्डहन्त्री शुम्भहरा शूरमाता महेश्वरी

चण्डहन्त्री मुण्डमालास्वर्णकाया हरप्रिया।  रुद्राणी भीमवनिता पार्वती केसरीध्वजा।

दण्डिनी खण्डिनी काली शूलिनी नन्दिवन्दिता।  देवरक्षा कान्तिमतीशिवा महिक्षमारणा 

वह्निजिह्वा धूम्रवर्णा वेताली दैत्यमर्दिनी।  मायारूपा खेटधरा गदाहस्ता भटात्मिका 

क्रूराक्षी रुक्मिणी सेव्या देवबृन्दनिषेविता।  महिमा भामिनी मल्लासुरहन्त्री निरञ्जना।

सर्पबाणा जगद्धात्री कौमारी सिन्धुवासिनी।  रक्त मांस मधुप्रीता भण्डपुत्र निबर्हिणी।

 दैत्ययुद्धपरा गर्भ मांस भक्षण मानसा।एवं अष्टोत्तरशतं पारायाणं कृपाप्रदां।

पिशाच भूत रोगाणां जप मात्रेण नाशयः। 

  1. 1.ॐ वाराह्यै नमः
  2. 2.ॐ घोरवदनायै नमः
  3. 3.ॐ रक्तवर्णायै नमः
  4. 4.ॐ त्रिलोचनायै नमः
  5. 5.ॐ चतुर्भुजायै नमः
  6. 6.ॐ जीरहस्तायै नमः
  7. 7.ॐ शूलधार्यै नमः
  8. 8.ॐ कु-हलायै नमः
  9. 9.ॐ अट्टहासायै नमः
  10. 10.ॐ क्रूरमुखायै नमः
  11. 11.ॐ चामुण्ड्यै नमः
  12. 12.ॐ मांस भक्षिण्यै नमः
  13. 13.ॐ दम्ष्ट्रा कराल वदनायै नमः
  14. 14.ॐ व्योमकेश्यै नमः
  15. 15.ॐ शवासनायै नमः
  16. 16.ॐ कठोरहृदयायै नमः
  17. 17.ॐ घोरनेत्रायै नमः
  18. 18.ॐ कठिन विग्रहायै नमः
  19. 19.ॐ वीराट्टहासिन्यै नमः
  20. 20.ॐ गर्भछेदनायै नमः
  21. 21.ॐ रक्तभोजिन्यै नमः
  22. 22.ॐ भैरव्यै नमः
  23. 23.ॐ सूर्यकिरणायै नमः
  24. 24.ॐ हस्तिमाल्यविभूषितायै नमः
  25. 25.ॐ सप्तमात्रे नमः
  26. 26.ॐ शम्भुरमायै नमः
  27. 27.ॐ वीरायै नमः
  28. 28.ॐ वैष्णवरूपिण्यै नमः
  29. 29.ॐ दानवान्तकर्यै नमः
  30. 30.ॐ दुर्गायै नमः
  31. 31.ॐ लक्ष्म्यै नमः
  32. 32.ॐ वाण्यै नमः
  33. 33.ॐ परात्मिकायै नमः
  34. 34.ॐ अघोर्यै नमः
  35. 35.ॐ पाण्डवाराध्यायै नमः
  36. 36.ॐ रक्तबीजपरासनायै नमः
  37. 37.ॐ सौमङ्गल्यै नमः
  38. 38.ॐ कालदम्ष्ट्र्यै नमः
  39. 39.ॐ खट्वाङ्ग्यै नमः
  40. 40.ॐ हरिवाहनायै नमः
  41. 41.ॐ चतुनाशकरायै नमः
  42. 42.ॐ गौर्यै नमः
  43. 43.ॐ कामाक्ष्यै नमः
  44. 44.ॐ शौरिसेवितायै नमः
  45. 45.ॐ कपालहस्तायै नमः
  46. 46.ॐ गम्भीरायै नमः
  47. 47.ॐ मारदेहायै नमः
  48. 48.ॐ अभयङ्कर्यै नमः
  49. 49.ॐ यज्ञेश्यै नमः
  50. 50.ॐ रोगहन्त्र्यै नमः
  51. 51.ॐ मेघनाथायै नमः
  52. 52.ॐ तटित्प्रभायै नमः
  53. 53.ॐ जलस्तम्भायै नमः
  54. 54.ॐ वामरूपायै नमः
  55. 55.ॐ ढक्कहस्तायै नमः
  56. 56.ॐ दयापरायै नमः
  57. 57.ॐ पानप्रियायै नमः
  58. 58.ॐ वामदेव्यै नमः
  59. 59.ॐ पीनगात्र्यै नमः
  60. 60.ॐ जयप्रदायै नमः
  61. 61.ॐ भक्तसख्यायै नमः
  62. 62.ॐ वरारोहायै नमः
  63. 63.ॐ बलिन्यै नमः
  64. 64.ॐ तााम्रवर्ण्यै नमः
  65. 65.ॐ भण्डहन्त्र्यै नमः
  66. 66.ॐ शुम्भहरायै नमः
  67. 67.ॐ शूरमाात्रे नमः
  68. 68.ॐ महेश्वर्यै नमः
  69. 69.ॐ चण्डहन्त्र्यै नमः
  70. 70.ॐ मुण्डमालायै नमः
  71. 71.ॐ स्वर्णकायायै नमः
  72. 72.ॐ हरप्रियायै नमः
  73. 73.ॐ रुद्राण्यै नमः
  74. 74.ॐ भीमवनितायै नमः
  75. 75.ॐ पार्वत्यै नमः
  76. 76.ॐ केसरीध्वजायै नमः
  77. 77.ॐ दण्डिन्यै नमः
  78. 78.ॐ खण्डिन्यै नमः
  79. 79.ॐ काल्यै नमः
  80. 80.ॐ शूलिन्यै नमः
  81. 81.ॐ नन्दिवन्दितायै नमः
  82. 82.ॐ देवरक्षायै नमः
  83. 83.ॐ कान्तिमत्यै नमः
  84. 84.ॐ शिवायै नमः
  85. 85.ॐ महिषमारणायै नमः
  86. 86.ॐ वह्नि जिह्वायै नमः
  87. 87.ॐ धूम्रवर्णायै नमः
  88. 88.ॐ वेताल्यै नमः
  89. 89.ॐ दैत्यमर्दिन्यै नमः
  90. 90.ॐ मायारूपायै नमः
  91. 91.ॐ खेटधरायै नमः
  92. 92.ॐ गदाहस्तायै नमः
  93. 93.ॐ भटात्मिकायै नमः
  94. 94.ॐ क्रूराक्ष्यै नमः
  95. 95.ॐ रुक्मिणी सेव्यायै नमः
  96. 96.ॐ देवबृन्दनिषेवितायै नमः
  97. 97.ॐ महिमायै नमः
  98. 98.ॐ भामिन्यै नमः
  99. 99.ॐ मल्लासुरहन्त्र्यै नमः
  100. 100.ॐ निरञ्जनायै नमः
  101. 101.ॐ सर्पबाणायै नमः
  102. 102.ॐ जगद्धात्र्यै नमः
  103. 103.ॐ कौमार्यै नमः
  104. 104.ॐ सिन्धुवासिन्यै नमः
  105. 105.ॐ रक्त मांस मधुप्रीता यै नमः
  106. 106.ॐ भण्डपुत्र निबर्हिण्यै नमः
  107. 107.ॐ दैत्ययुद्धपरायै नमः
  108. 108.ॐ गर्भ मांस भक्षण मानसायै नमः
  109. श्रीभवानी अष्टोत्तरशत

अस्य श्रभवानी अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य वैशंपायानाया ऋषये नमः शिरसि  |  अनुष्टुभे छन्दसे नमः मुखे  |  श्रीभवानी सुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये  |   ऐं बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं शक्तये नमः पादयोः  |   श्रींकीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीभवानीसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ॐ ह्रां भवान्यै अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

ॐ ह्रीं पार्वत्यै तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

ह्रूं दुर्गायै मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रैं मृडान्यै अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

ह्रौं चण्डिकायै  कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

ह्रः शिवायै करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

अम्बासुहरां देवी दश बाहुकां। प्रास खड्गाभय वरां रंलिकी 

शस्त्र मुद्गरां परिघा तन सृणीरा कुठारायुध धारिणीं। दनुजाबृन्द संहारां बृन्दाराक वरप्रदां। 

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

ईश्वर उवाच ।

शतनाम प्रवक्ष्यामि शृणुष्व कमलानने ।यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती ॥ १॥

ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी ।आर्या दुर्गा जया आद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ॥ २॥

पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपा ।मनो-बुद्धिरहङ्कारा-चित्तरूपा चिता चितिः ॥ ३॥

सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी ।अनन्ता भाविनी भाव्या भव्याभव्या सदागतिः ॥ ४॥

शाम्भवी देवमाता च चिन्ता रत्नप्रिया सदा।सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी ॥ ५॥

अपर्णा चैवपर्णा च पाटला पाटलावती ।पट्टाम्बर परीधाना कलमञ्जीररञ्जिनी ॥ ६॥

अमेया विक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी ।वनदुर्गा च मातङ्गी मतङ्गमुनिपूजिता ॥ ७॥

ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवी तथा ।चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृतिः ॥ ८॥

विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया सत्या वाक्प्रदा ।बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहन-वाहना ॥ ९॥

निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी ।मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी ॥ १०॥

सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी ।सर्वशास्त्रमयी विद्या सर्वास्त्रधारिणी तथा ॥ ११॥

अनेकशस्त्र-हस्ता च अनेकास्त्रस्य- विधारिणी ।कुमारी चैव कन्या च कौमारी युवती यतिः॥ १२॥

अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा ।उन्मत्तभैरवी घोरा चण्डिका मण्डमालिनी ॥ १३॥

ललिता कमला काली कैलास-पदागामिनी। मृडानी मृत्युमथनी गिरिजाष्टभुजा तथा ॥ १४॥

कोमलाङ्गी कामकला भण्ड-सैन्यविनाशिनी। अक्रूरा हेम-खट्वाङ्गीमहिष सिंह वाहना ॥ १५॥

भाग्यरूपा भवालिङ्ग्या भवानी परमेश्वरी। 

इदं च पठेत्-स्तोत्रं दुर्गा नाम शताष्टकम् ।नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति ॥ १६॥

धनं धान्यं सुतं जायां हयं हस्तिनं एव च ।चतुर्वर्गं तथा चान्ते लभेत्-मुक्तिं च शाश्वतं ॥ १७॥

कुमारीं पूजयित्वा तु ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीं ।पूजयेत् परया भक्त्या पठेन्नामशताष्टकम् ॥ १८॥

तस्य सिद्धि र्भवेद् देवि सर्वैः सुर वरैः अपि ।राजानो दासतां यान्ति राज्यश्रियं अवाप्नुयात् ॥ १९॥

गोरोचना लक्तक कुङ्कुमेव सिन्धूर कर्पूर मधु त्रयेण ।

विलिख्य यन्त्रं विधिना विधिज्ञो भवेत् सदा धारयते पुरारिः ॥ २०॥

भौमावास्या निशाभागे चन्द्रे शतभिषां गते ।विलिख्य प्रपठेत् स्तोत्रं स भवेत् सम्पदां पदं॥ २१॥

  1. 1.ॐ सत्यै नमः ।
  2. 2.ॐ साध्व्यै नमः ।
  3. 3.ॐ भवप्रीतायै नमः ।
  4. 4.ॐ भवान्यै नमः ।
  5. 5.ॐ भवमोचन्यै नमः ।
  6. 6.ॐ आर्यायै नमः ।
  7. 7.ॐ दुर्गायै नमः ।
  8. 8.ॐ जयायै नमः ।
  9. 9.ॐ आद्यायै नमः ।
  10. 10.ॐ त्रिनेत्रायै नमः ।
  11. 11.ॐ शूलधारिण्यै नमः ।
  12. 12.ॐ पिनाकधारिण्यै नमः ।
  13. 13.ॐ चित्रायै नमः ।
  14. 14.ॐ चण्डघण्टायै नमः ।
  15. 15.ॐ महातपायै नमः ।
  16. 16.ॐ मनरूपायै नमः ।
  17. 17.ॐ बुद्ध्यै नमः ।
  18. 18.ॐ अहङ्कारायै नमः ।
  19. 19.ॐ चित्तरूपायै नमः ।
  20. 20.ॐ चितायै नमः । २०
  21. 21.ॐ चित्यै नमः ।
  22. 22.ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमः ।
  23. 23.ॐ सत्तायै नमः ।
  24. 24.ॐ सत्यानन्दस्वरूपिण्यै नमः ।
  25. 25.ॐ अनन्तायै नमः ।
  26. 26.ॐ भाविन्यै नमः ।
  27. 27.ॐ भाव्यायै नमः ।
  28. 28.ॐ भव्याभव्यायै नमः ।
  29. 29.ॐ सदागतये नमः ।
  30. 30.ॐ शाम्भव्यै नमः ।
  31. 31.ॐ देवमात्रे नमः ।
  32. 32.ॐ चिन्तायै नमः ।
  33. 33.ॐ सदा रत्नप्रियायै नमः ।
  34. 34.ॐ सर्वविद्यायै नमः ।
  35. 35.ॐ दक्षकन्यायै नमः ।
  36. 36.ॐ दक्षयज्ञविनाशिन्यै नमः ।
  37. 37.ॐ अपर्णायै नमः ।
  38. 38.ॐ पर्णायै नमः ।
  39. 39.ॐ पाटलायै नमः । ४०
  40. 40.ॐ पाटलावत्यै नमः ।
  41. 41.ॐ पट्टाम्बरपरीधानायै नमः ।
  42. 42.ॐ कलमञ्जीररञ्जिन्यै नमः ।
  43. 43.ॐ अमेयायै नमः 
  44. 44.ॐ विक्रमायै नमः ।
  45. 45.ॐ क्रूरायै नमः ।
  46. 46.ॐ सुन्दर्यै नमः ।
  47. 47.ॐ सुरसुन्दर्यै नमः ।
  48. 48.ॐ वनदुर्गायै नमः ।
  49. 49.ॐ मातङ्ग्यै नमः ।
  50. 50.ॐ मतङ्गमुनिपूजितायै नमः ।
  51. 51.ॐ ब्राह्म्यै नमः ।
  52. 52.ॐ माहेश्वर्यै नमः ।
  53. 53.ॐ ऐन्द्र्यै नमः ।
  54. 54.ॐ कौमार्यै नमः ।
  55. 55.ॐ वैष्णव्यै नमः ।
  56. 56.ॐ चामुण्डायै नमः ।
  57. 57.ॐ वाराह्यै नमः ।
  58. 58.ॐ लक्ष्म्यै नमः ।
  59. 59.ॐ पुरुषाकृतये नमः ।
  60. 60.ॐ विमलायै नमः । ६०
  61. 61.ॐ उत्कर्षिण्यै नमः ।
  62. 62.ॐ ज्ञानायै नमः ।
  63. 63.ॐ क्रियायै नमः ।
  64. 64.ॐ सत्यायै नमः ।
  65. 65.ॐ वाक्प्रदायै नमः ।
  66. 66.ॐ बहुलायै नमः ।
  67. 67.ॐ बहुलप्रेमायै नमः ।
  68. 68.ॐ सर्ववाहनवाहनायै नमः ।
  69. 69.ॐ निशुम्भशुम्भहनन्यै नमः ।
  70. 70.ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः ।
  71. 71.ॐ मधुकैटभहन्त्र्यै नमः ।
  72. 72.ॐ चण्डमुण्डविनाशिन्यै नमः ।
  73. 73.ॐ सर्वासुरविनाशायै नमः ।
  74. 74.ॐ सर्वदानवघातिन्यै नमः ।
  75. 75.ॐ सर्वशास्त्रमयी विद्यायै नमः ।
  76. 76.ॐ सर्वास्त्रधारिण्यै नमः ।
  77. 77.ॐ अनेकशस्त्र-हस्तायै नमः ।
  78. 78.ॐ अनेकास्त्र-विधारिण्यै नमः ।
  79. 79.ॐ कुमार्यै नमः । ८०
  80. 80.ॐ कन्यायै नमः ।
  81. 81.ॐ कौमार्यै नमः ।
  82. 82.ॐ युवत्यै नमः ।
  83. 83.ॐ यतये नमः ।
  84. 84.ॐ अप्रौढायै नमः ।
  85. 85.ॐ प्रौढायै नमः ।
  86. 86.ॐ वृद्धमात्रे नमः ।
  87. 87.ॐ बलप्रदायै नमः ।
  88. 88.ॐ उन्मत्तभैरव्यै नमः ।
  89. 89.ॐ घोरायै नमः ।
  90. 90.ॐ चण्डिकायै नमः । 
  91. 91.ॐ मुण्डमालिन्यै नमः ।
  92. 92.ॐ ललितायै नमः ।
  93. 93.ॐ कमलायै नमः ।
  94. 94.ॐ काल्यै नमः । 
  95. 95.ॐ कैलास पद गामिन्यै नमः ।
  96. 96.ॐ मृडान्यै नमः ।
  97. 97.ॐ मृत्युमथन्यै नमः ।
  98. 98.ॐ गिरिजायै नमः । 
  99. 99.ॐ अष्टभुजायै नमः ।
  100. 100.ॐ कोमलाङ्ग्यै नमः ।
  101. 101.ॐ कामकलायै नमः ।
  102. 102.ॐ भण्डसैन्य विनाशिन्यै नमः । 
  103. 103.ॐ क्रूरायै नमः ।
  104. 104.ॐ हेमखट्वाङ्ग्यै नमः ।
  105. 105.ॐ महिष सिंह वाहनायै नमः ।
  106. 106.ॐ भाग्यरूपायै नमः । 
  107. 107.ॐ भवालिङ्ग्यायै नमः ।
  108. 108.ॐ भवानी परमेश्वर्यै नमः ।
  109. श्रीकालिका अष्टोत्तरशत

अस्य श्रीसंहार कालिका अष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य कात्यायनाय ऋषये नमः शिरसि  |  गायत्र्यै छन्दसे नमः मुखे  |  श्रीसंहारकालिकायै देवतायै नमः हृदये  |   ह्रां बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं शक्तये नमः पादयोः  |   ह्रूं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीसंहारकालिका प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय  नमः सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

ऐं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

क्लीं पार्वत्यै तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

सौः दुर्गायै मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

ह्रीं मृडान्यै अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

भद्रकाल्यै  कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

स्वाहा करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

कालिकाष्टभुजां देवीं शूलखड्ग गादाङ्कुशां। वेत्र शङ्खाभयवरां दम्ष्ट्रपञ्चास्यवाहनां। 

ऊर्ध्वकेशां क्रोधमुखीं महिष दैत्य निबर्हणीं। 

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

काली कालाग्निनयना कौमारी कालभैरवी। कामेशी कामकलना कामाक्षी कामसुन्दरी।

कान्ता कान्तिमती कामपत्नीचामर वीजिता। काममुखी कामरूपेशीकामाख्या कामवन्दिता।

कामाचारवती काम्या कामाङ्गी कामिकागमा। कामेश्वरप्रिया तथा कामदेहस्वरूपिणी। 

कामिनी कामदाराध्या कामभार्या तु कौलिनी। कामार्ता कामजयदा कालिका कामदेवता।

कात्यायनी कामरता कामधेनु स-वाहना। कालरात्री कामवश्या कामकोटिनिवासिनी। 

कान्तिगम्या कान्तियुक्ता कार्तिकेय प्रपूजिता। कारणा कालशमना काङ्क्षी काम्यवरप्रदा। 

काष्ठा कामेश्वरार्धाङ्गी काषा छादन धारणा। कामसन्दीपिनी कामा कार्यकारण विग्रहा। 

कादाम्बरी कामकान्ति कालभैरव योषिता। कामक्रोधा कामभिर्या कान्ति काञ्चनरूपिणी।

काञ्चनाद्री काम्यसिद्धिः कालार्चा कायवर्जिता। कामेश्वरासनारूढा कायस्था कामसंप्लवा।

कालाकण्ठी कामदोग्ध्री कालाग्नी काश्यपार्चना। कारयित्री कामशक्तिः काननस्थाव वासिनी।

कामातुरा कामहरा कालिन्दी काञ्चिवासिनी। कामराजप्रिया कामि कामस्था कालरूपिणी। 

काञ्ची कामशत्रुसख्या काम्भोजा कामतत्परा। कामराज्ञी कालदूती काम मोह विनाशिनी।

कार्य सिद्धिकरी काम माता भर्तृसहोदरी। काङ्क्षिणी कारणान्तस्था कालाङ्गी कारणागमा।

कामबन्धुः कामनाथा कामाकर्षणी काहला। कामभू कामराजश्री कामकौतुक लालसा।

कालनिर्नाशिनी कामभूमिका कातराश्रया। कव्यालाप विनोदिस्था कामध्वज विराजिता।

कालामृता कञ्चनाक्षी कामुकानन्दवर्धिनी। काराबन्धहरा कार्पास पादा कालिकाम्बिका

एवं अष्टोत्तरशत पारायणं जयप्रदं। पिशाच भूत रोगाणां अपमृत्युं पलायते। 

सर्वशत्रुप्रशमनं सर्वसौभाग्य सिद्धिदं। सर्वकामप्रदं पुत्र मित्र बान्धव रक्षितं। 

इति श्रीचण्डिका कल्पे महिष संहारान्ते बिडौज प्रोक्ते सुराभयप्रदानं नाम सप्तदशोध्यायः

  1. 1.३-काल्यै नमः
  2. 2.३-कालाग्निनयनायै नमः
  3. 3.३-कौमार्यै नमः
  4. 4.३-कालभैरव्यै नमः
  5. 5.३-कामेश्यै नमः
  6. 6.३-कामकलनायै नमः
  7. 7.३-कामाक्ष्यै नमः
  8. 8.३-कामसुन्दर्यै नमः
  9. 9.३-कान्तायै नमः
  10. 10.३-कान्तिमत्यै नमः
  11. 11.३-कामपत्नीचामर वीजितायै नमः
  12. 12.३-काममुख्यै नमः
  13. 13.३-कामरूपेश्यै नमः
  14. 14.३-कामाख्यायै नमः
  15. 15.३-कामवन्दितायै नमः
  16. 16.३-कामाचारवत्यै नमः
  17. 17.३-काम्यायै नमः
  18. 18.३-कामाङ्ग्यै नमः
  19. 19.३-कामिकागमायै नमः
  20. 20.३-कामेश्वरप्रियायै नमः
  21. 21.३-कामदेहस्वरूपिण्यै नमः
  22. 22.३-कामिन्यै नमः
  23. 23.३-कामदाराध्यायै नमः
  24. 24.३-कामभार्यायै नमः
  25. 25.३-कौलिन्यै नमः
  26. 26.३-कामार्तायै नमः
  27. 27.३-कामजयदायै नमः
  28. 28.३-कालिकायै नमः
  29. 29.३-कामदेवतायै नमः
  30. 30.३-कात्यायन्यै नमः
  31. 31.३-कामरतायै नमः
  32. 32.३-कामधेनु स-वाहनायै नमः
  33. 33.३-कालरात्र्यै नमः
  34. 34.३-कामवश्यायै नमः
  35. 35.३-कामकोटिनिवासिन्यै नमः
  36. 36.३-कान्तिगम्यायै नमः
  37. 37.३-कान्तियुक्तायै नमः
  38. 38.३-कार्तिकेय प्रपूजितायै नमः
  39. 39.३-कारणायै नमः
  40. 40.३-कालशमनायै नमः
  41. 41.३-काङ्क्ष्यै नमः
  42. 42.३-काम्यवरप्रदायै नमः
  43. 43.३-काष्ठायै नमः
  44. 44.३-कामेश्वरार्धाङ्ग्यै नमः
  45. 45.३-काषा छादन धारणायै नमः
  46. 46.३-कामसन्दीपिन्यै नमः
  47. 47.३-कामायै नमः
  48. 48.३-कार्यकारण विग्रहायै नमः
  49. 49.३-कादाम्बर्यै नमः
  50. 50.३-कामकान्त्यै नमः
  51. 51.३-कालभैरव योषितायै नमः
  52. 52.३-कामक्रोधायै नमः
  53. 53.३-कामभिर्यायै नमः
  54. 54.३-कान्त्यै नमः
  55. 55.३-काञ्चनरूपिण्यै नमः
  56. 56.३-काञ्चनाद्र्यै नमः
  57. 57.३-काम्यसिद्धये नमः
  58. 58.३-कालार्चायै नमः
  59. 59.३-कायवर्जितायै नमः
  60. 60.३-कामेश्वरासनारूढायै नमः
  61. 61.३-कायस्थायै नमः
  62. 62.३-कामसंप्लवायै नमः
  63. 63.३-कालाकण्ठ्यै नमः
  64. 64.३-कामदोग्ध्र्यै नमः
  65. 65.३-कालाग्न्यै नमः
  66. 66.३-काश्यपार्चनायै नमः
  67. 67.३-कारयित्र्यै नमः
  68. 68.३-कामशक्तये नमः
  69. 69.३-काननस्थाव वासिन्यै नमः
  70. 70.३-कामातुरायै नमः
  71. 71.३-कामहरायै नमः
  72. 72.३-कालिन्द्यै नमः
  73. 73.३-काञ्चिवासिन्यै नमः
  74. 74.३-कामराजप्रियायै नमः
  75. 75.३-कामये नमः
  76. 76.३-कामस्थायै नमः
  77. 77.३-कालरूपिण्यै नमः
  78. 78.३-काञ्च्यै नमः
  79. 79.३-कामशत्रुसख्यायै नमः
  80. 80.३-काम्भोजायै नमः
  81. 81.३-कामतत्परायै नमः
  82. 82.३-कामराज्ञ्यै नमः
  83. 83.३-कालदूत्यै नमः
  84. 84.३-काम मोह विनाशिन्यै नमः
  85. 85.३-कार्य सिद्धिकर्यै नमः
  86. 86.३-काम माता भर्तृसहोदर्यै नमः
  87. 87.३-काङ्क्षिण्यै नमः
  88. 88.३-कारणान्तस्थायै नमः
  89. 89.३-कालाङ्ग्यै नमः
  90. 90.३-कारणागमायै नमः
  91. 91.३-कामबन्धवे नमः
  92. 92.३-कामनाथायै नमः
  93. 93.३-कामाकर्षण्यै नमः
  94. 94.३-काहलायै नमः
  95. 95.३-कामभुवे नमः
  96. 96.३-कामराजश्रियै नमः
  97. 97.३-कामकौतुक लालसायै नमः
  98. 98.३-कालनिर्नाशिन्यै नमः
  99. 99.३-कामभूमिकायै नमः
  100. 100.३-कातराश्रयायै नमः
  101. 101.३-कव्यालाप विनोदिस्थायै नमः
  102. 102.३-कामध्वज विराजितायै नमः
  103. 103.३-कालामृतायै नमः
  104. 104.३-कञ्चनाक्ष्यै नमः
  105. 105.३-कामुकानन्दवर्धिन्यै नमः
  106. 106.३-काराबन्धहरायै नमः
  107. 107.३-कार्पास पादायै नमः
  108. 108.३-कालिकाम्बिकायै नमः
  109. 10. श्रीराजराजेश्वरी अष्टोत्तरशत

अस्य श्रीराजराजेश्वरीमूल नामाष्टोत्तरशत स्तोत्र महामन्त्रस्य मृकण्डवे ऋषये नमः शिरसि  |  सावित्र्यै छन्दसे नमः मुखे  |  श्रीराजराजेश्वरी महात्रिपुरसुन्दर्यै देवतायै नमः हृदये  |   श्रीं बीजाय नमः गुह्ये  |  ह्रीं शक्तये नमः पादयोः  |   क्लीं कीलकाय नमः नाभौ  |   श्रीराजराजेश्वरी महात्रिपुरसुन्दरी प्रसाद सिद्ध्यर्थे अष्टोत्तर शत स्तोत्र पारायणे विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे

कर न्यास:-हृदयादि न्यास: 

कएईलह्रीं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः -हृदयाय नमः

हसकहलह्रीं तर्जनीभ्यां – शिरसे स्वाहा

सकलह्रीं मध्यमाभ्यां – शिखायै वषट्

कएईलह्रीं अनामिकाभ्यां – कवचाय हुं

हसकहलह्रीं कनिष्टिकाभ्यां – नेत्रत्रयाय वौषट् 

सकलह्रीं करतलकर पृष्टाभ्यां -अस्त्राय फट्   |   भूर्भुवस्सुवरोमिति दिग्बन्धः

ध्यानं : 

राजराजेश्वरीं देवीं पूर्णचन्द्र निभाननां। रत्नसिंहासनारूढां चतुर्बाहुं त्रिलोचनां। 

उद्वर्तन पदाम्भोजां उद्वाह वर वेषजां। कामकोटि सुपीठस्थां ललिता त्रिपुरसुन्दरीं। 

पञ्चपूजा:

लं पृथ्व्यात्मिकायै गन्धं कल्पयामि नमः 

हं आकाशात्मिकायै पुष्पं कल्पयामि नमः

यं वाय्वात्मिकायै  धूपं कल्पयामि नमः

रं वह्न्यात्मिकायै दीपं कल्पयामि नमः

वं अमृतात्मिकायै नैवेद्यं कल्पयामि नमः

सं सर्वात्मिकायै ताम्बूलादि सर्वोपचारान् कल्पयामि नमः

कमलास्या चैकरूपा चेश्वरी ललिताम्बिका।ह्रीङ्कारी हंसिनी सत्या कल्याणी हरिवाहना। 

लक्षणा ह्रीं-मतिःसर्वमङ्गला कमलार्चिता। लकुली ह्रीं प्रभा श्रीदा गौरी दुर्गा शिवा सती ।

उमा काली महेन्द्राणी हरिद्रा रतिपूजिता। मृडानी रुग्मणी-सेव्या रक्ताङ्गी शार्ङ्गसोदारी।

गिरिजा चण्डिका वाणी चाम्बिका शूर मातृका। भवानी पार्वती मल्ला रुद्राणी भीमभामिनी।

आर्या हैमवती लक्ष्मी शर्वाणी विजया वधू। कोपना पापहरणा कङ्काली रामपूज्या।

सीतालिङ्ग्या सेतुमध्या तीर्थरूपा वराभया। गण्डकी चक्रमध्यस्था भ्रामारी मञ्जुभाषिणी।

जल्पना शम्भु वनिता  सर्वेशी कामरूपिणी। इन्दुवर्णा योनिमुद्रा भद्रकाली भयाङ्करी।

चामुण्डी दक्षतनया  क्रूराक्षी साम मण्डला। कुङ्कुमदेहा श्यामवर्णा सुन्दरी देवरक्षका।

वैष्णवी शृङ्खला चण्डी ब्रह्मरूपाशिवाङ्गना। महिष मांस निलया महाराज्ञी वयोधिका।

वाराही खड्गनेत्राम्बा कौमारी नर वाहिनी। सिंहानन्दा योगरूपा विश्वेशी भगमालिनी।

दाक्षायाणी नारासिंही भैरवी मुण्डमालिनी। नवदुर्गा सप्तमाताज्वाला माल परायाणा।

मार्ताण्डदेहा मन्धात्री सर्वावाय सुन्दरी। पृथ्वीलिङ्गरमणी चाप्सुलिङ्गमनोहरा। 

तेजोलिङ्ग दिक्वासा वायुलिङ्ग विराजिता।  आकाश लिङ्ग चिद्रूपा पञ्चलिङ्गात्म योषिता। 

 राजराजेश्वरी श्रीमत्महात्रिपुरसुन्दरी। अष्टोत्तरशतं स्तोत्रं नाम्नां एतत् प्रकीर्तितं। 

पठन् अर्चयन् सदा भक्त्या मोक्ष साम्राज्यं आप्नुयात्। 

इति श्रीब्रह्माण्डपुराणे उत्तरखण्डे श्रीहयग्रीवागस्त्य संवादे

श्रीराजराजेश्वरी महात्रिपुरसुन्दर्या नामाष्टोत्तर शत स्तोत्र कथनं नाम तृतीयोध्यायः

  1. 1.३-कमलास्यायै नमः
  2. 2.३-एकरूपायै नमः
  3. 3.३-ईश्वर्यै नमः
  4. 4.३-ललिताम्बिकायै नमः
  5. 5.३-ह्रीङ्कार्यै नमः
  6. 6.३-हंसिन्यै नमः
  7. 7.३-सत्यायै नमः
  8. 8.३-कल्याण्यै नमः
  9. 9.३-हरिवाहनायै नमः
  10. 10.३-लक्षणायै नमः
  11. 11.३-ह्रीं-मतये नमः
  12. 12.३-सर्वमङ्गलायै नमः
  13. 13.३-कमलार्चितायै नमः
  14. 14.३-लकुल्यै नमः
  15. 15.३-ह्रीं प्रभायै नमः
  16. 16.३-श्रीदायै नमः
  17. 17.३-गौर्यै नमः
  18. 18.३-दुर्गायै नमः
  19. 19.३-शिवायै नमः
  20. 20.३-सत्यै नमः
  21. 21.३-उमायै नमः
  22. 22.३-काल्यै नमः
  23. 23.३-महेन्द्राण्यै नमः
  24. 24.३-हरिद्रायै नमः
  25. 25.३-रतिपूजितायै नमः
  26. 26.३-मृडान्यै नमः
  27. 27.३-रुक्मणी-सेव्यायै नमः
  28. 28.३-रक्ताङ्ग्यै नमः
  29. 29.३-शार्ङ्गसोदार्यै नमः
  30. 30.३-गिरिजायै नमः
  31. 31.३-चण्डिकायै नमः
  32. 32.३-वाण्यै नमः
  33. 33.३-अम्बिकायै नमः
  34. 34.३-शूर मातृकायै नमः
  35. 35.३-भवान्यै नमः
  36. 36.३-पार्वत्यै नमः
  37. 37.३-मल्लायै नमः
  38. 38.३-रुद्राण्यै नमः
  39. 39.३-भीम भामिन्यै नमः
  40. 40.३-आर्यायै नमः
  41. 41.३-हैमवत्यै नमः
  42. 42.३-लक्ष्म्यै नमः
  43. 43.३-शर्वाण्यै नमः
  44. 44.३-विजयायै नमः
  45. 45.३-वध्वै नमः
  46. 46.३-कोपनायै नमः
  47. 47.३-पापहरणायै नमः
  48. 48.३-कङ्काल्यै नमः
  49. 49.३-रामपूज्यायै नमः
  50. 50.३-सीतालिङ्ग्यायै नमः
  51. 51.३-सेतुमध्यायै नमः
  52. 52.३-तीर्थरूपायै नमः
  53. 53.३-वराभयायै नमः
  54. 54.३-गण्डक्यै नमः
  55. 55.३-चक्रमध्यस्थायै नमः
  56. 56.३-भ्रामार्यै नमः
  57. 57.३-मञ्जुभाषिण्यै नमः
  58. 58.३-जल्पनायै नमः
  59. 59.३-शम्भु वनितायै नमः
  60. 60.३-सर्वेश्यै नमः
  61. 61.३-कामरूपिण्यै नमः
  62. 62.३-इन्दुवर्णायै नमः
  63. 63.३-योनिमुद्रायै नमः
  64. 64.३-भद्रकाल्यै नमः
  65. 65.३-भयाङ्कर्यै नमः
  66. 66.३-चामुण्ड्यै नमः
  67. 67.३-दक्षतनयायै नमः
  68. 68.३-क्रूराक्ष्यै नमः
  69. 69.३-साम मण्डलायै नमः
  70. 70.३-कुङ्कुमदेहायै नमः
  71. 71.३-श्यामवर्णायै नमः
  72. 72.३-सुन्दर्यै नमः
  73. 73.३-देवरक्षकायै नमः
  74. 74.३-वैष्णव्यै नमः
  75. 75.३-शृङ्खलायै नमः
  76. 76.३-चण्ड्यै नमः
  77. 77.३-ब्रह्मरूपायै नमः
  78. 78.३-शिवाङ्गनायै नमः
  79. 79.३-महिष मांस निलयायै नमः
  80. 80.३-महाराज्ञ्यै नमः
  81. 81.३-वयोधिकायै नमः
  82. 82.३-वाराह्यै नमः
  83. 83.३-खड्गनेत्रायै नमः
  84. 84.३-अम्बायै नमः
  85. 85.३-कौमार्यै नमः
  86. 86.३-नर वाहिन्यै नमः
  87. 87.३-सिंहानन्दायै नमः
  88. 88.३-योगरूपायै नमः
  89. 89.३-विश्वेश्यै नमः
  90. 90.३-भगमालिन्यै नमः
  91. 91.३-दाक्षायाण्यै नमः
  92. 92.३-नारासिंह्यै नमः
  93. 93.३-भैरव्यै नमः
  94. 94.३-मुण्डमालिन्यै नमः
  95. 95.३-नवदुर्गायै नमः
  96. 96.३-सप्तमात्रे नमः
  97. 97.३-ज्वाला माल परायाणायै नमः
  98. 98.३-मार्ताण्डदेहायै नमः
  99. 99.३-मन्धात्र्यै नमः
  100. 100.३-सर्वावाय सुन्दर्यै नमः
  101. 101.३-पृथ्वीलिङ्गरमण्यै नमः
  102. 102.३-अप्सुलिङ्गमनोहरायै नमः
  103. 103.३-तेजोलिङ्ग दिक्वासायै नमः
  104. 104.३-वायुलिङ्ग विराजितायै नमः
  105. 105.३- आकाश लिङ्ग चिद्रूपायै नमः
  106. 106.३- पञ्चलिङ्गात्म योषितायै नमः
  107. 107.३- राजराजेश्वर्यै नमः
  108. 108.३-श्रीमत्महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः

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